Connect with us

World

काबुल में आत्मघाती धमाके में 30 लोगों के परखच्चे उड़े, सड़कों पर बिछ गईं सबकी लाशें

Published

on

काबुल में आत्मघाती धमाके में 30 लोगों के परखच्चे उड़े, सड़कों पर बिछ गईं सबकी लाशें
काबुल में आत्मघाती धमाके में 30 लोगों के परखच्चे उड़े, सड़कों पर बिछ गईं सबकी लाशें

काबुल, देशज न्यूज। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल आज एक बार फिर धमाकों से दहल उठी है. राजधानी में एक शैक्षणिक केंद्र के पास आत्मघाती बम धमाका हुआ। इस धमाके में करीब 30 लोगों की मौके पर मौत हो गई. जिसमें लगभग 70 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर मिली है. इस हमले से हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई है. लोगों घायलों को लेकर अस्पताल की तरफ भाग रहे हैं, तो कोई मदद के लिए चीख रहा है। इस तरफ मातम का मंजर छाया हुआ है।

राजधानी में हुए इस हमले के बारे में अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 18 लोगों की मौत हुई है और 50 घायल है. हमले में हुए घायलों में से 37 लोगों का इलाज काबुल के जिन्ना अस्पताल में हो रहा है. ऐसे में आंतरिक मंत्रालय ने मृतकों की संख्या 13 बताई है, जबकि घायलों की संख्या 30 है।

लगातार विश्वसनीय, असरदार, करेंट, ब्रेकिंग दरभंगा, मधुबनी से लेकर संपूर्ण मिथिलांचल, देश से विदेशों तक लगातार खबरों के लिए हमसें यहां जुड़ें,

इसके साथ ही अफगानिस्तान के नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ सिक्योरिटी के मुताबिक, हमलावर शिक्षण संस्थान में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था. वहीं शनिवार को हुए इस घटना की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट टेरेरिस्ट ऑर्गेनाइजेशन ने ली है, लेकिन इसके पहले तालिबान ने इस घटना में किसी भी सहभागिता से मना किया था।

33 तालिबानी आतंकवादी मार गिराया गया

इससे पहले अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत नांगरहार में सुरक्षा अभियान के दौरान कम से कम 33 तालिबानी आतंकवादी मार गिराया गया है. साथ ही 5 से ज्यादा घायल हुए हैं. अफगानिस्तान सेना ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अफगान सेना की 201वीं सेलेब कोर के चार इन्फेंट्री ब्रिगेड ने बताया कि तालिबान आतंकवादियों ने शेरजाद जिले के हशीम खेल इलाके में सेना की चौकी पर हमला कर दिया था. इसके बाद सुरक्षा बलों जवाबी कार्रवाई शुरू की. इस बारे में अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर 16 आतंकवादी के शव मिले हैं. सात एके-47 राइफलें और एक ग्रेनेड लांचर बरामद हुए हैं।

अफगान सरकार के प्रतिनिधिमंडल और तालिबान दोनों की बातचीत जारी है. ऐसे में देखा जाए तो देश में लगभग दो दशकों के संघर्ष के बाद राजनीतिक समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. वहीं कई बार बातचीत होने के बाद भी यहां होने वाली हिंसा की घटनाएं रूकती हुई नहीं दिखाई दे रही हैं।

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

World

जो बाइडन 5 लाख से अधिक भारतीयों को दे सकते हैं अमेरिकी नागरिकता

Published

on

जो बाइडन 5 लाख से अधिक भारतीयों को दे सकते हैं अमेरिकी नागरिकता
जो बाइडन 5 लाख से अधिक भारतीयों को दे सकते हैं अमेरिकी नागरिकता

वाशिंगटन, देशज न्यूज। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) पांच लाख भारतीयों समेत लगभग 1 करोड़ 10 लाख ऐसे आप्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता प्रदान करने का रोडमैप तैयार करेंगे, जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं।

इसके अलावा वह सालाना न्यूनतम 95,000 शरणार्थियों को अमेरिका (America) में प्रवेश दिलाने की प्रणाली भी बनाएंगे. बाइडन के अभियान की ओर से जारी एक नीतिगत दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है।

दस्तावेज में कहा गया है, ”वह (बाइडन) जल्द ही कांग्रेस में एक आव्रजन सुधार कानून पारित कराने पर काम शुरू करेंगे, जिसके जरिए हमारी प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा. इसके तहत 5 लाख से अधिक भारतीयों समेत लगभग एक करोड़ 10 लाख ऐसे आप्रवासियों को अमेरिका की नागरिकता प्रदान करने का रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं।

दस्तावेज के अनुसार, ”वह अमेरिका में सालाना 1,25,000 शरणार्थियों को प्रवेश देने का लक्ष्य निर्धारित करेंगे. इसके अलावा वह सालाना न्यूनतम 95,000 शरणार्थियों को देश में प्रवेश दिलाने के लिए कांग्रेस के साथ काम करेंगे।

बाइडन से पहले चार सालों तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी फर्स्ट का नारा देते हुए प्रवासियों को नागरिकता देने के नियमों को कठोर कर दिया था।

राष्ट्रपति चुनाव के दौरान बाइडन प्रचार अभियान द्वारा जारी एक नीति पत्र में यह भी कहा गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित जो बाइडन का प्रशासन भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनवाने में मदद करने, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग जारी रखने जैसे कदमों के साथ भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने को उच्च प्राथमिकता देगा।

Continue Reading

World

फ्रांस में बेकाबू हुआ कोरोना, शुक्रवार से एक बार फिर लागू किया जाएगा लॉकडाउन

Published

on

फ्रांस में बेकाबू हुआ कोरोना, शुक्रवार से एक बार फिर लागू किया जाएगा लॉकडाउन
फ्रांस में बेकाबू हुआ कोरोना, शुक्रवार से एक बार फिर लागू किया जाएगा लॉकडाउन

पेरिस, देशज न्यूज। फ्रांस में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ रहे मामलों को नियंत्रण में करने के लिए सरकार को मजबूरन एक बार फिर नया देशव्यापी लॉकडाउन लगाना पड़ रहा है, जिसे शुक्रवार से लागू किया जाएगा।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने बुधवार शाम को इसकी घोषणा की. उन्होंने देश को संबोधित करते हुए कहा कि नए लॉकडाउन में घर के बाहर जाने के लिए केवल अधिकृत अनुमति दी जायेगी. इसके अलावा काम पर जाने के लिए, चिकित्सा नियुक्ति के लिए, सहायता प्रदान करने के लिए और खरीदारी पर जाने के लिए ही घर से बाहर जाने की अनुमति होगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि पहले के लॉकडाउन के मुकाबले इस बार नर्सरी, प्राथमिक विद्यालय और मध्य विद्यालय खुले रहेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे स्कूल प्रणाली के साथ संपर्क में रहेंगे और शिक्षा से वंचित नहीं होंगे।

फ्रांस में पिछले 24 घंटो के दौरान कोरोना संक्रमण से 523 लोगों की मौत हुई है और 33,417 लोग संक्रमित हुये हैं. वही कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 35,541 और संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 198,695 हो गया है।

फ्रांस की डेटा वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में कोविड-19 के 18,978 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है, जिनमें से 2918 की हालत गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

Continue Reading

World

ExpensesinUSpresidentialElection: इस ताकतवर चुनाव में खर्च होते हैं 1035000000000 रुपए

Published

on

ExpensesinUSpresidentialElection: इस ताकतवर चुनाव में खर्च होते हैं 1035000000000 रुपए
ExpensesinUSpresidentialElection: इस ताकतवर चुनाव में खर्च होते हैं 1035000000000 रुपए

नई दिल्ली, देशज न्यूज। दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव कोई छोटा-मोटा चुनाव नहीं होता है. इस चुनाव में जितना पैसा खर्च होता है उतना संभवतः कई देशों का वार्षिक बजट होता है. वैसे हो भी क्यों न… दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति का चुनाव जो ठहरा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में इस वर्ष हो रहा राष्ट्रपति चुनाव देश के इतिहास का सबसे महंगा चुनाव बनने जा रहा है. इस चुनाव में पिछले राष्ट्रपति चुनाव के मुकाबले दोगुनी राशि खर्च होने का अनुमान है।

इस बार करीब 14 अरब डॉलर खर्च होने की उम्मीद है. 14 अरब डॉलर की राशि को रुपये में बदले तो यह 1035 अरब रुपये बनता है. इसे करोड़ में बदले तो 103500 करोड़ रुपये. इस राशि को अगर अंक में लिखें तो इतने जीरो आएंगें कि माथा चकरा जाएगा. इसके लिए आपको 103500 को 10000000 से गुणा करना होगा जो 1035000000000 रुपए बनेगा।

शोध समूह ‘दि सेंटर फॉर रेस्पॉनसिव पॉलिटिक्स ने कहा कि मतदान से पहले के आखिरी महीने में राजनीतिक चंदे में भारी वृद्धि हुई है और इसकी वजह से इस चुनाव में जो 11 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान लगाया गया था, वह पीछे छूट गया है. शोध समूह ने कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव में 14 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है जिससे चुनाव में खर्च के पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो रहे हैं।

समूह के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन अमेरिकी इतिहास के पहले प्रत्याशी होंगे जिन्होंने दानकर्ताओं से एक अरब डॉलर की राशि प्राप्त की. उनके प्रचार अभियान को 14 अक्टूबर को 93.8 करोड़ डॉलर प्राप्त हुए हैं जिससे डेमोक्रेट का रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को हराने को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

वहीं, ट्रंप ने दानकर्ताओं से 59.6 करोड़ डॉलर का कोष चुनाव प्रचार के लिए जुटाया है। शोध समूह ने कहा, ‘‘ महामारी के बावजूद हर कोई वर्ष 2020 के चुनाव में अधिक राशि दान कर रहा है, फिर चाहे वह आम लोग हों या अरबपति.’’ समूह ने बयान में कहा कि इस बार महिलाओं ने दान देने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

Continue Reading

लोकप्रिय

Copyright © 2020 Deshaj Group of Print. All Rights Reserved Tingg Technology Solution LLP.

%d bloggers like this: