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आखिर बिहार की लेडी सिंघम लिपि सिंह का जेडीयू कनेक्शन क्या है..गाड़ी भी जदयू, संबंध भी जदयू

बड़ा सवाल....एमएलसी रणवीर नंदन की गाड़ी पर कैसे लगा राज्यसभा सांसद का स्टीकर ? आखिर एक नेता की गाड़ी से लिपि सिंह क्यों गईं कोर्ट...स्पेशल रिपोर्ट, देशज टाइम्स। लिपि सिंह फिर चर्चा में हैं। लिपि एक ऐसा नाम है जिसे बिहार में लोग लेडी सिंघम कहते हैं। 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह बिहार में महिला पुलिसकर्मी शोभा अहोतकर के बाद सबसे सख्त महिला पुलिस अधिकारी मानी जा रही हैं। वैसे पटना की वर्तमान एसएसपी व दरभंगा से स्थानांतरित महिला पुलिस अधिकारी गरिमा मल्लिक भी रहीं हैं मगर, लिपि इन दिनों निर्दलीय विधायक अनंत सिंह प्रकरण के बाद सुर्खियों में आ गईं। कभी लिपि सिंह को जेडीयू के वरिष्ठ नेता, सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी व राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह की बेटी के रूप में जाना जाता था। हाल में उन्होंने विधायक अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है, उससे उनकी लेडी सिंघम की पहचान बन गई है। इन दिनों अनंत के सरेंडर के बाद बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह जिस गाड़ी से अनंत सिंह को ट्रांडिट रिमांड पर लेने साकेत कोर्ट गई वह गाड़ी जेडीयू के एमएलसी रणवीर नंदन के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस मामले ने फिर से एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

मगर सवाल यही है जो जांच का विषय है आखिर गाड़ी रणवीर नंदन के नाम पर है तो फिर उनकी गाड़ी पर राज्यसभा सांसद का स्टीकर कैसे लगा? बड़ा सवाल यह भी है कि जब लिपि सिंह सरकारी ड्यूटी में गई थी तो फिर सत्ताधारी दल के सांसद या एमएलसी की गाड़ी को क्यों लेकर कोर्ट पहुंची। राजद व कांग्रेस ने सीधे पर बड़ा सवाल उठाया है। पूरे मामले की जांच की मांग की है। राजद नेता मृत्युंजय तिवारी व कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है,सरकार पूरे मामले की जांच कराए।आखिर कैसे कोई पुलिस अधिकारी एक नेता की गाड़ी लेकर सरकारी ड्यूटी करेगा… प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि कानून को अपना काम करना चाहिए।लेकिन किसी को बेवजह फंसाना ठीक नहीं।

इससे पूर्व, अनंत की पत्नी की शिकायत के बाद ही लिपि का तबादला हुआ था। इसी के बाद अनंत सिंह के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान लिपि सिंह का बाढ़ की सब डिविजन पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में उनकी नियुक्ति को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उन्हें पद से हटाकर एटीएस में एएसपी बना दिया गया था। लिपि के खिलाफ ऐक्शन अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी की शिकायत पर लिया गया था जो मुंगेर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उतरी थीं। चुनाव के बाद लिपि दोबारा बाढ़ की एसडीपीओ बनीं। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनंत के खिलाफ मुहिम छेड़ दी। उन्होंने अनंत के साथियों पर सबसे पहले नकेल कसी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार, लिपि के पिता आरसीपी सिंह के सीएम नीतीश कुमार के करीबी होने की वजह से ही उन्हें बाढ़ में दोबारा एसडीपीओ पद पर तैनात किया गया था। लिपि और एसपी (ग्रामीण) कौंतेश कुमार मिश्रा ने पुलिस टीम की अगुआई करके अनंत सिंह के पटना जिले के बाढ़ सब डिविजन के अंदर आने वाले लदमा गांव स्थित पैतृक आवास में पिछले शुक्रवार को छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने उनके घर से एके 47 सेमी ऑटोमेटिक राइफल, दो हैंड ग्रेनेड और 26 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इससे पूर्व,लिपि बाढ़ की एसडीपीओ रहते हुए अब तक 700 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी हैं और कई अवैध हथियार सीज कर चुकी हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे किसी भी शख्स के राजनीति से जुड़े होने से कोई लेना देना नहीं है। मैंने सबूतों के आधार पर कार्रवाई की और अनंत इससे बच नहीं सकते थे।

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