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अब आप भी जम्मू-कश्मीर और लद्याख में खरीद सकेंगे जमीन, खेती की जमीन पर रहेगी रोक

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अब आप भी जम्मू-कश्मीर और लद्याख में खरीद सकेंगे जमीन, खेती की जमीन पर रहेगी रोक
अब आप भी जम्मू-कश्मीर और लद्याख में खरीद सकेंगे जमीन, खेती की जमीन पर रहेगी रोक

नई दिल्ली, देशज न्यूज। जम्मू-कश्मीर और लद्याख में जमीन खरीदने को लेकर केन्द्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में देश का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है और वहां बस सकता है। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को इसके तहत नई अधिसूचना जारी की है। हालांकि खेती की जमीन को लेकर रोक जारी रहेगी।

गृह मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि इस आदेश को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का अनुकूलन) तीसरा आदेश, 2020 कहा जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश में कहा गया है कि सामान्य आदेश अधिनियम, 1897 इस आदेश की व्याख्या के लिए लागू होता है क्योंकि यह भारत के क्षेत्र में लागू कानूनों की व्याख्या के लिए लागू होता है।

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वहीं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, हम चाहते हैं कि बाहर के उद्योग जम्मू-कश्मीर में स्थापित हों, इसलिए औद्योगिक भूमि में निवेश की जरूरत है। लेकिन खेती की जमीन सिर्फ राज्य के लोगों पास ही रहेगी। बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सिर्फ वहां के निवासी ही जमीन की खरीद-फरोख्त कर सकते थे। मोदी सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक अब बाहर के लोग भी यहां जमीन खरीद सकते हैं।

गृह मंत्रालय ने ये फैसला जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत लिया है। इसके तहत अब कोई भी भारतीय जम्मू-कश्मीर में फैक्ट्री, घर या दुकान के लिए जमीन खरीद सकता है। इसके लिए उसे किसी भी तरह के स्थानीय निवासी होने का सबूत देने की जरूरत नहीं होगी।

 

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RoadwaysNewsUP: रोडवेज बसों में नए साल से कैशलेस सफर की तैयारी,यात्रियों को मिलेगी राहत

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RoadwaysNewsUP: रोडवेज बसों में नए साल से कैशलेस सफर की तैयारी,यात्रियों को मिलेगी राहत
RoadwaysNewsUP: रोडवेज बसों में नए साल से कैशलेस सफर की तैयारी,यात्रियों को मिलेगी राहत
लखनऊ, Lucknow देशज न्यूज। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) बसों में कैशलेस सफर की सुविधा नए साल में शुरू करने की तैयारी में है। कैशलेस सुविधा शुरू होने से यात्रियों को नगद भुगतान से राहत मिलेगी। इसके लिए 15 हजार से ज्यादा ई-टिकटिंग मशीनें (ईटीएम) खरीदने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
परिवहन निगम प्रबंधन के मुताबिक, रोडवेज बसों में कैशलेस सफर की सुविधा नए साल में शुरू करने की तैयारी चल रही है। कैशलेस सुविधा शुरू होने से न केवल टिकट बनेगा बल्कि सभी तरह के डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान भी हो सकेगा। नए साल के जनवरी के अंत में मशीनों का ट्रायल शुरू होगा। आगामी तीन माह में सेवा प्रदाता कंपनी ईटीएम की आपूर्ति प्रदेश भर में कर देगी। इस फैसले पर परिवहन निगम बोर्ड की मुहर भी लग चुकी है।
रोडवेज की सभी ईटीएम ऑनलाइन होंगी 
नए साल में अत्याधुनिक एंड्रायड ईटीएम से यात्री कार्ड के माध्यम से कैशलेस यात्रा कर सकेंगे। सभी मशीनें ऑनलाइन होने से बिके हुए टिकटों की निगरानी भी आसान हो सकेगी। ईटीएम में स्मार्ट कार्ड, स्मार्ट एमएसटी, क्रेडिट-डेबिट समेत अन्य कार्ड से भुगतान की व्यवस्था होगी। इसके अलावा भविष्य में ईटीएम का उपयोग नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के रूप में भी हो सकेगा।
इससे यात्री रोडवेज, सिटी बस, मेट्रो में भी कैशलेस सफर कर सकेंगे। इन ई-टिकटिग मशीनों को नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से जोड़ने की तैयारी है। यह संस्था देश में कैशलेस ट्रांजेक्शन बढ़ाने पर काम कर रही है।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक धीरज साहू ने शुक्रवार को बताया कि बसों में यात्रियों को कैशलेस यात्रा कराने का यह एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। भविष्य में इन मशीनों का उपयोग अन्य कार्यों में भी किया जाएगा। प्रयोग की जा रही ई-टिकटिग मशीनें काफी पुरानी हो चुकी हैं। इसके चलते नई मशीनें मंगाई जा रहीं हैं।
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ayodhya saryu deep: सरयू तट 11000 दीपों से हुआ जगमग, रोशनी के बीच की गई भव्य आरती

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ayodhya saryu deep: सरयू तट 11000 दीपों से हुआ जगमग, रोशनी के बीच की गई भव्य आरती
ayodhya saryu deep: सरयू तट 11000 दीपों से हुआ जगमग, रोशनी के बीच की गई भव्य आरती
अयोध्या, देशज न्यूज। कार्तिक दीपदान महोत्सव के अंतिम दिन 11000 दीपों को जलाकर सरयू तट को शोभायमान कर दिया गया। 5100 फूल बत्तियों की ज्योति से सरयू की भव्य आरती पंडित दिनेश कुमार और पंडित नेत्रजा प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में विधि-विधान पूर्वक किया गया।
रामनगरी में मां सरयू के पावन तट पर प्रतिष्ठित मंदिर कनक भवन के वरिष्ठ पुजारी पंडित दिनेश कुमार महाराज के संयोजन में विगत 12 वर्षों से कार्तिक मास के शुभ अवसर पर मां सरयू की आरती की जाती है और कार्तिक मास की पूर्णिमा के महाआरती के साथ कार्तिक दीपदान महोत्सव का समापन होता है।
कार्तिक मास में मां सरयू की आरती के 12वें वर्ष के अवसर पर भव्य महा आरती का आयोजन सरयू तट पापमोचन घाट के निकट किया गया, जिसमें आशीष मिश्रा, शिवम मिश्रा, दीपा, ज्योत्स्ना सिंह की टीम के स्वयंसेवको ने 11000 दीपों को प्रज्ज्वलित किया।
कार्तिक दीपदान महोत्सव के संयोजंक कनक भवन के वरिष्ठ पुजारी पंडित दिनेश कुमार महाराज ने बताया कि इस वर्ष आरती का 12वां वर्ष होने के कारण आरती का समापन भव्य और दिव्यता के साथ 11000 दीपों का प्रज्वलन कर मां सरयू की 5100 सौ बत्ती से भव्य आरती की गई और भजन संध्या का आयोजन किया गया। पुजारी दिनेश महाराज ने बताया कि कनक बिहारी सरकार की कृपा से और मां सरयू के आशीर्वाद से निरंतर यह आरती चलती रहेगी।
इस अवसर पर जगतगुरु राम दिनेशाचार्य, विमलान्शु  महराज, पवन कुमार दास शास्त्री, राजेश यादव, संत हरिदास, आर पी पाण्डेय, संजय पाण्डेय, महंत धनुषधारी शुक्ला सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने अपनी सहभागिता किया।  महा आरती के बाद अनुष्ठान में सम्मिलित सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
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HC की फटकार, कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वाले BJP के पूर्व वन मंत्री सहित 18 गिरफ्तार

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HC की फटकार, कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वाले BJP के पूर्व वन मंत्री सहित 18 गिरफ्तार
HC की फटकार, कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वाले BJP के पूर्व वन मंत्री सहित 18 गिरफ्तार

पोती की सगाई के लिए लगभग 6,000 लोगों को इकट्ठा किया था 

अहमदाबाद, देशज न्यूज। तापी सोनगढ़ मामले में पूर्व वन मंत्री कांति गामित (former forest minister Kanti Gamit) की पोती की सगाई में कोरोना नियमों के उल्लंघन के मामले में हाई कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने के बाद राज्य सरकार हरकत में आई है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री कांति गामित, उनके पुत्र जीतू गामित सहित अठ्ठारह लोगों को गिरफ्तार (18 arrested) किया है। इसके अलावा कार्यक्रम में मौजूद तीन पुलिसकर्मियों को निलम्बित किया गया है।
दरअसल, कोरोना संकट के दौरान भाजपा के पूर्व मंत्री कांति गामित ने अपनी पोती की सगाई का कार्यक्रम सार्वजनिक रूप से किया गया था। इस कार्यक्रम में कोरोना नियमों का उल्लंघन कर छह हजार की भीड़ जुटी थी। कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद हाई कोर्ट ने इसका स्वत: संज्ञान लिया और राज्य सरकार को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे।
इस पुलिस ने मामला दर्ज कर पूर्व मंत्री कांति गामित, उनके पुत्र जीतू गामित सहित मंडप वाला, रसोईवाला, वीडियोग्राफर और एक भाजपा कार्यकर्ता सहित अठ्ठारह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा प्रशासन दोसवाड़ा बीट के एएसआई अनिरुद्ध सिंह देवसिंह सोलंकी, पीआईसी के चौधरी और हेड कांस्टेबल नीलेश मणिलाल को निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी पर लोगों के जीवन को खतरे में डालने के लिए धारा 308 लगाई गई है।
इस संबंध में तापी जिले के पुलिस प्रमुख सुजाता मजूमदार ने कहा कि कार्यक्रम का वीडियो जब्त किया गया है और इसी के आधार पर एक-एक करके कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मौजूद तीन पुलिसकर्मियों पीआई, बीट जमादार और कांस्टेबल को निलंबित कर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जीतू गामित इस कार्यक्रम के आयोजक थे। उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करके अब धारा 308 को जोड़ा गया है, जो गैर-जमानती है। इन पर महामारी अधिनियम सहित आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जायेगा है।
उल्लेखनीय भाजपा नेता कांति गामित ने अपनी पोती की सगाई के लिए लगभग 6,000 लोगों को इकट्ठा किया था। इस संबंध वीडियो वायरल होने के बाद कोरोना नियमों के उल्लंघन मामले मेें गुजरात हाई कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ गैर-जमानती मामला दर्ज करने के लिए तापी जिला पुलिस प्रमुख को निर्देश दिया था। इस पर भाजपा नेता कांति गामित सहित अन्य लोगों के खिलाफ जिले के सोनगढ़ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। सरकार ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में भाजपा नेता कांति गामित ने कहा, “हमने किसी को फोन नहीं किया। हर कोई व्यक्ति अपने आया। हर साल हम तुलसी विवाह दिवस को इसी तरह मनाते हैं। इस बार मेरी पोती की सगाई हुई थी। हम कोरोना के दिशानिर्देश के बारे में जानते थे। उन्होंने कहा कि गांवों में कोई कोरोना संक्रमित नहीं है। इसलिए यहां के लोग मास्क भी नहीं पहनते हैं।
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