धौलपुर, देशज न्यूज। राजस्थान में चल रहे आवाज कार्यक्रम के तहत सदर थाना इलाके के गांव धीमरी में  बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 21 नाबालिग लड़कियों को मुक्त करवाया है। इस मामले में सामने आया कि यहां बच्चियों को देह व्यापार के लिए तैयार किया जाता था।

जिले के धीमरी गांव में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है, जिसमें अब तक सबसे अधिक नाबालिग किशोरियों को मुक्त करवाया गया है. धीमरी गांव में देह व्यापार की सूचना मिलने के बाद एसपी केसर सिंह ने सोमवार को आवाज कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय जागरूकता शिविर लगाया था, जिसमें महिला पुलिस ने सादी वर्दी में धीमरी गांव के घरों में जाकर सूचना एकत्रित की और फिर एसपी को जानकारी से अवगत करवाया।

बड़ी संख्या में पहुंचे महिला शक्ति दल और महिला पुलिस कांस्टेबलों ने घरों से बालिकाओं को निकालकर स्कूल बस में बैठाकर लाई. बाल कल्याण समिति सदस्यों और चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम को काउंसिलिंग के दौरान बालिकाओं ने देह व्यापार में लिप्त होने की बात बताई. धीमरी गांव से मुक्त करवाई गई 21 बालिकाओं को चाइल्ड हेल्प लाइन में रखवाया गया है. बालिकाओं का सोमवार को मेडिकल करवाया जाएगा. यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। इसके बाद उन्हें अस्थाई रूप से कहीं रखा जाएगा।

एसपी केसर सिंह शेखावत ने बताया कि उन्हें सदर थाना क्षेत्र के धीमरी गांव में देह व्यापार होने की सूचना मिली थी. महिला पुलिस को सूचना मिली कि कई घरों में बड़ी संख्या में नाबालिग रुकी हैं, जो बाहर से आई हुई हैं, जिसके बाद महिला टीम ने बालिकाओं को समझाकर घरों से निकाला और उनसे पूछताछ की तो मामला देह व्यापार से जुड़ा होना सामने आया।

जिले के धीमरी गांव से मुक्त करवाई गई 21 बालिकाओं में से कई बालिकाओं ने पुलिस को कुछ नहीं बताया है। वहीं, कई बालिकाओं ने देह व्यापार करने की बात को स्वीकार किया है, लेकिन उनका कहना था कि उनके भाई और बहन छोटे हैं, घर में गरीबी है जिसके कारण वे देह व्यापार करने को मजबूर हैं और वे अपनी स्वेच्छा से इस व्यापार में जुड़ी हैं. बच्चियों के चिकित्सीय परिक्षण, बच्चियों की उम्र पर कोरोना जांच के लिए आदेश दे दिए हैं. बच्चियों की काउंसलिंग कर कार्रवाई की जाएगी।