Connect with us

News

असम:11 जिलों में बाढ़, 2,71,655 प्रभावित, आधा दर्जन नदियों में उफान, 2,678 हेक्टेयर फसल डूबे

Published

on

असम:11 जिलों में बाढ़, 2,71,655 प्रभावित, आधा दर्जन नदियों में उफान, 2,678 हेक्टेयर फसल डूबे

गुवाहाटी, देशज न्यूज। कोरोना महामारी के बीच असम में बाढ़ के चलते एक नई समस्या उत्पन्न हो गई है। चक्रवाती तूफान अम्फन आने के साथ ही असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में बरसात शुरू हुई जो अभी भी जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि बरसात अभी अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी।

लगातार बरसात के कारण असम के धेमाजी, लखीमपुर, नगांव, होजाई, दरंग, बरपेटा, नलबारी, ग्वालपारा, वेस्ट कार्बी आंग्लांग, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया समेत 11 जिलों के 2,71,655 से अधिक व्यक्ति बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

लगातार विश्वसनीय, असरदार, करेंट, ब्रेकिंग दरभंगा, मधुबनी से लेकर संपूर्ण मिथिलांचल, देश से विदेशों तक लगातार खबरों के लिए हमसें यहां जुड़ें,

राज्य आपदा विभाग (एएसडीएमए) के अनुसार असम के 11 जिलों के 21 राजस्व सर्किल के 321 गांवों में निवास करने वाले 2,71,655 से अधिक व्यक्ति बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नद जोरहाट जिले के निमातीघाट में खतरे के निशान से  01.06 मीटर ऊपर यानी 86.10 मीटर पर बह रहा है। डिब्रूगढ़ में 104.96 मीटर की चेतावनी लेबल पर, तेजपुर में 64.82 मीटर की चेतावनी लेवल पर बह रहा है। रंगानदी लखीमपुर जिले एनटी रोड क्रासिंग इलाके में 94.04 मीटर की चेतावनी लेवल पर बह रही है। जिया भराली नदी शोणितपुर जिले के एनएच रोड क्रासिंग इलाके में खतरे के निशान से 00.72 मीटर ऊपर 77.72 मीटर पर बह रही है। इसी तरह नगांव जिले के कामपुर में जिया भराली नदी खतरे के निशान से 01.03 मीटर ऊपर यानी 61.07 मीटर पर बह रही है। पुठीमारी नदी कामरूप जिले में एनएच रोड क्रासिंग इलाके में खतरे के निशान से ऊपर यानी  52.20 मीटर पर बह रही है। हालांकि, कुछ नदियां चेतावनी स्तर पर बह रही हैं।

बाढ़ के पानी में 2,678 हेक्टेयर फसल पूरी तरह से डूब गई है। 57 राहत शिविर बनाए गए हैं जबकि राहत सामग्री वितरित करने के लिए 16,720 शिविर बनाए गए हैं। बाढ़ से 28,253 बड़े पशु, 16,078 छोटे तथा 9,350 पोल्ट्री प्रभावित हुए हैं। राहत व बचाव कार्य में एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है।

09 नावों को भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। बाढ़ प्रभावितों के बीच 137,68 कुंतल चावल, 26,81 कुंतल दाल, 08.04 कुंतल नमक और 804.42 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया है। बाढ़ के दौरान कुछ इलाकों में सड़क, कलवर्ट व कच्चे मकान पूरी तरह से ड़ूब कर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई इलाकों में नदियों के किनारे काफी कटाव भी हो रहा है जिसके चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

News

तनिष्क के शोरूम पर गुस्साई भीड़ ने बोला धावा, मैनेजर का विज्ञापन पर माफीनामा, हटाया विज्ञापन

Published

on

तनिष्क के शोरूम पर गुस्साई भीड़ ने बोला धावा, मैनेजर का विज्ञापन पर माफीनामा, हटाया विज्ञापन
तनिष्क के शोरूम पर गुस्साई भीड़ ने बोला धावा, मैनेजर का विज्ञापन पर माफीनामा, हटाया विज्ञापन

नई दिल्‍ली, देशज न्यूज। गुजरात के कच्‍छ जिले के गांधीधाम में जूलरी ब्रांड तनिष्‍क के विज्ञापन को लेकर गुस्साई भीड़ ने कंपनी के शोरूम पर धावा बोल दिया। लोगों ने तनिष्क शोरूम में जाकर वहां के मैनेजर से विज्ञापन पर माफी मांगने के लिए कहा। इसके बाद मैनेजर ने उन लोगों के दबाव में माफीनामा लिखा। बोर्ड वहां लगा दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस इलाके में गश्‍त कर रही है।

तनिष्क (Tanishq Advertisement) की ओर से जारी बयान में कहा गया है, वह भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुंचने से दुखी है। फिल्म ने अपने उद्देश्य के विपरीत भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इस पर तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कंपनी के इस कदम को लेकर सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर तीव्र बहस शुरू हो गई। तनिष्क ने अपने आभूषण संग्रह ‘एकत्वम’ को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन पिछले सप्ताह जारी किया था और तभी से इसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।

जानकारी के अनुसार, तनिष्क ने मंगलवार को अपने उस विज्ञापन को वापस ले लिया। इसमें दो अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोगों के एक परिवार को दिखाया गया है। तनिष्क ने सोशल मीडिया पर तीखे हमले किए जाने के बाद अपना विज्ञापन वापस ले लिया। इसमें कुछ लोगों ने उस पर ‘लव जिहाद’ और ‘फर्जी धर्मनिरपेक्षता’ को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे।

Continue Reading

News

उत्तराखंड में चल रहा IPL में सट्टा, 4 पकड़ाए, 1आरोपी भाजपा का, मिला भाजपा से लिंक

Published

on

उत्तराखंड में चल रहा IPL में सट्टा,  4 पकड़ाए, 1आरोपी भाजपा का, मिला भाजपा से लिंक
उत्तराखंड में IPLमें सट्टा, 4 पकड़ाए, 1आरोपी भाजपा का, मिला भाजपा से लिंक

ऊधमसिंह नगर, देशज न्यूज उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के एक नामी होटल से सट्टा लगाते चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में गरपुर ब्लॉक के ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख टिप्सन नरूला और उनके दो साथी अमनदीप और कमल कालरा शामिल हैं। टिप्सन नरूला का संबंध भाजपा से भी है।

पुलिस को सटोरियों के कमरे से कई ऐसे सबूत हाथ लगे जिससे साबित हो रहा था कि ये लोग आईपीएल के खेल में सट्टा लगा रहे थे। पुलिस को मौके से सेल फोन, कैश और सटोरियों से जुड़े मोबाइल नंबर मिले हैं।

हालांकि एक सटोरिया थोड़ी देर पहले खेल कर चला गया था। पकड़े गए तीनों सटोरियों की निशानदेही पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से 40 हजार से ज्यादा का कैश 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ रुद्रपुर कोतवाली में जुआ खेलने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस को सूचना मिली कि रुद्रपुर-हल्द्वानी रोड पर होटल रेडिस के कमरा नंबर 203 में कुछ लोग ठहरे हुए हैं। जो यहां के सटोरियों के संपर्क में हैं और लोगों को लाखों का सट्टा खेला रहे हैं। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर के निर्देश पर सीएम अमित कुमार के नेतृत्व में ट्रैप टीम बनाई गई। जिसके जाल में ये तीनों सटोरिए फंस गए।

एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा के अनुसार आईपीएल के जरिए घर बैठे मोटा पैसा कमाने का लालच कई लोगों पर भारी पड़ रहा है। लोगों के जल्दी पैसा कमाने के लालच का सटोरिए फायदा उठा रहे हैं। पुलिस की निगाह इस पूरे खेल पर बनी हुई है।

वहीं गदरपुर के ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख टिप्सन नरूला ने पुलिस के जाल में फंसने के बाद आरोप लगाया कि वे राजनीतिक साजिश का शिकार हुए हैं। क्योंकि वे सट्टे का कोई खेल नहीं खेलते। पुलिस ने उनके पास मौजूद कैश और मोबाइल्स को जबरन सट्टे से जोडऩे की कोशिश की है। हालांकि पुलिस सारी कॉल रिकॉड्र्स के जरिए ये साबित करने की कोशिश में है कि टिप्सन नरूला एक प्रोफेशनल सटोरिया है। जो अपने साथियों संग सट्टे के खेल को अंजाम दे रहा था।

Continue Reading

News

देश में पहली बार जज पर लगा सरकार गिराने का आरोप,आंध्र के सीएम ने सीजेआई को लिखा पत्र

Published

on

देश में पहली बार जज पर लगा सरकार गिराने का आरोप,आंध्र के सीएम ने सीजेआई को लिखा पत्र
देश में पहली बार जज पर लगा सरकार गिराने का आरोप,आंध्र के सीएम ने सीजेआई को लिखा पत्र

यह देश के इतिहास में पहली बार है कि किसी मुख्यमंत्री ने जज के खिलाफ चीफ जस्टिस से शिकायत की हो, जिसमें न्यायिक सिस्टम को प्रभावित करने की बात की गई हो। जगन ने सीजेआई से आंध्र प्रदेश में जूडिशरी की तटस्थता को बरकरार रखने की गुजारिश की है।

अमरावती, देशज न्यूज। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट के जज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रेड्डी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस।ए। बोबडे को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट में नबंर 2 जज एन।वी। रमन्ना, पूर्व सीएम चंद्रबाबू संग मिलकर हमारी सरकार गिराने के प्रयास कर रहे हैं।

 

आंध्र प्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमन्ना पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीजेआई जस्टिस बोबडे को पत्र लिखा है। सीएम जगनमोहन ने आरोप लगाया कि जस्टिस रमन्ना की बेटियां जमीन की खरीदफरोख्त में शामिल रहीं और उन्होंने पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू से जुड़े मामलों में सुनवाई प्रभावित की।

 

सीएम ने आरोप लगाया है, जमीन लेनदेन को लेकर राज्य के पूर्व एडवोकेट जनरल दम्मलपति श्रीनिवास पर जो जांच बैठी, उस पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया, जबकि एंटीकरप्शन ब्यूरो ने उनके खिलाफ एफआईआर तक दायर की थी। बता दें कि 15 सितंबर को ही हाईकोर्ट ने मीडिया को एसीबी की तरफ से पूर्व एडवोकेट जनरल पर दर्ज की गई एफआईआर की डिटेल्स रिपोर्ट करने से रोक दिया था। यह एफआईआर श्रीनिवास पर अमरावती में जमीन खरीद को लेकर दर्ज हुई थी।

 शिकायत में सीएम जगनमोहन ने कहा कि जस्टिस रमन्ना सरकार को अस्थिर करने में नायडू का साथ दे रहे हैं। वह हाई कोर्ट के काम में दखलअंदाजी कर रहे हैं और जजों को प्रभावित कर रहे हैं। रेड्डी के अनुसार रमन्ना ऐसा टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के हितों के संरक्षण के लिए कर रहे हैं और वे वर्तमान सरकार को गिराना चाहते हैं।

सीजेआई को यह चिट्‌टी 6 अक्टूबर को लिखी थी। इसे हैदराबाद में मीडिया के सामने शनिवार को जगनमोहन के प्रमुख सलाहकार अजेय कल्लम की तरफ से रिलीज किया गया था। इसमें उन मौकों का भी जिक्र किया गया है, जब तेलुगुदेशम पार्टी से जुड़े केसों को कुछ सम्मानीय जजों की सौंपा गया। इसके अलावा इसमें कहा गया कि मई 2019 में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सत्ता पर बैठने के बाद से जबसे चंद्रबाबू नायडू की सरकार की ओर से जून 2014 से लेकर मई 2019 के बीच की गई सभी तरह की डीलों की जांच के आदेश दिए गए हैं, तब से जस्टिस एनवी रमना राज्य में न्याय प्रशासन को प्रभावित करने में जुटे हैं।

 

 

Continue Reading

लोकप्रिय

Copyright © 2020 Deshaj Group of Print. All Rights Reserved Tingg Technology Solution LLP.

%d bloggers like this: