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भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े BIG B अमिताभ बच्चन, करेंगे लोगों को बैंकिंग फ्रॉड से जागरुक

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भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े BIG B अमिताभ बच्चन, करेंगे लोगों को  बैंकिंग फ्रॉड से जागरुक
भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े BIG B अमिताभ बच्चन, करेंगे लोगों को बैंकिंग फ्रॉड से जागरुक

मुंबई, देशज न्यूज। बॉलीवुड के बिग बी अमिताभ बच्चन अब बैंक ग्राहकों को धोखेबाजों से बचने के लिए जागरूक करते दिखाई देंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने ग्राहक जागरूकता अभियान के लिए अमिताभ बच्चन की की सेवाएं ली हैं।

जानकारी के अनुसार, बच्चन ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान डिजिटल बैंकिंग का प्रचार किया था। इसमें वह लोगों से यह कहते दिखे थे, वे डिजिटल भुगतान अपनाएं, सुरक्षित रहें। ट्विटर पर रिजर्व बैंक सबसे लोकप्रिय केंद्रीय बैंक है, उसने फालोअर्स की संख्या के मामले में अमेरिका के फेडरल रिजर्व व यूरोपीय केंद्रीय बैंक को पीछे छोड़ दिया है।

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ट्विटर पर रिजर्व बैंक के फालोअर्स की संख्या 9.66 लाख है. वहीं फेडरल रिजर्व के फालोअर्स की संख्या 6.64 लाख व यूरोपीय केंद्रीय बैंक के फालोअर्स की संख्या 5.81 लाख है।रिजर्व बैंक की सार्वजनिक जागरूकता पहल के तहत केंद्रीय बैंक ग्राहकों को सुरक्षित तरीके से लेनदेन के बारे में बताता है। इसी के तहत, ग्राहकों को बताया जाता है, लेनदेन करते समय उन्हें क्या करना चाहिए। किससे बचना चाहिए।

अपने मुख्य ट्विटर हैंडल के अलावे रिजर्व बैंक का एक और ट्विटर खाता आरबीआई से है। बिग बी ने इस पर एक संदेश डाला है। इसमें वह कहते दिख रहे हैं, जागरूक होने के लिए एक पाई खर्च करने की जरूरत नहीं है, लेकिन जानकारी के अभाव में आपको अपनी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ सकती है।

नियामक पिछले एक साल से अधिक अंग्रेजी और हिंदी के अलावा विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में यह अभियान चला रहा है, जिससे अधिकतम लोगों तक पहुंचा जा सके। वह इन संदेशों को बार-बार दोहराता है। इससे लोग अपने अधिकारों व जिम्मेदारियों को भूलें नहीं। रिजर्व बैंक ने अप्रैल की शुरुआत में इसी नाम से फेसबुक पेज शुरू किया था।

 

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पति के लिए मांगी मन्नत पूरी हुई तो महिला ने देवी को चढ़ा दी जीभ

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पति के लिए मांगी मन्नत पूरी हुई तो महिला ने देवी को चढ़ा दी जीभ
पति के लिए मांगी मन्नत पूरी हुई तो महिला ने देवी को चढ़ा दी जीभ

सीतापुर, देशज न्यूज। यूपी के सीतापुर जनपद में एक महिला ने अपने पति के लिए मांगी गई मन्नत पूरी होने पर मां काली को अपनी जीभ काटकर चढ़ा दी।

अंधविश्वास की यह घटना शहर कोतवाली इलाके के दुर्गा पुरवा की है। वारदात के बाद मंदिर में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

महिला ने बताया कि उनका पति काम नहीं कर रहे थे और गलत रास्ते पर जा रहे थे. साथ ही घर में कई तरह की दिक्कतें भी थीं. इसके बाद दो महीने पहले उन्‍होंने मां काली से मन्नत मांगी थी कि अगर उनका पति सही रास्ते पर आ जाए और घर की दिक्कतें दूर हो जाती हैं तो वह अपनी जुबान माता के चरणों में अर्पित कर देंगी. महिला का कहना है कि उनकी दोनों ही मन्नत पूरी हो गई. जिसके बाद नवरात्र के चौथे दिन उन्‍होंने अपनी जीभ काटकर मां को चढ़ा दी।

दुर्गा पुरवा की रहने वालीं साक्षी शर्मा ने अपने दोनों मन्नत पूरी हो जाने पर माता काली के चरणों में अपनी जुबान चढ़ा दी. इतना ही नहीं, जुबान काटने के बाद उन्‍होंने कटी हुई जीभ एक प्लेट में रख दी।

इस बात की सूचना जब इलाके के लोगों को हुई तो लोगों का भारी हुजूम मंदिर में उमड़ पड़ा. कुछ महिलाएं तो भक्ति भाव में विभोर होकर पूजा अर्चना करने लगीं, वहीं कुछ लोग साक्षी को देवी का रूप मानकर पूजा करने लगे।

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उत्तर प्रदेश में 230 से ज्यादा दलितों ने छोड़ा हिंदू धर्म, बोले- हाथरस कांड ने हिला दिया

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उत्तर प्रदेश में 230 से ज्यादा दलितों ने छोड़ा हिंदू धर्म, बोले- हाथरस कांड ने हिला दिया
उत्तर प्रदेश में 230 से ज्यादा दलितों ने छोड़ा हिंदू धर्म, बोले- हाथरस कांड ने हिला दिया

गाजियाबाद, देशज न्यूज। यूपी के गाजियाबाद में 230 से अधिक दलितों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया। इनमें से बहुत से दलितों ने इसकी वजह यूपी के हाथरस में एक दलित युवती से कथित गैंगरेप और हत्या को वजह बताया है।

कई दलितों ने अपने साथ सामाजिक भेदभाव को धर्म बदने की वजह बताया है. घरेलू सहायिका काम करने वाली सुनीता (45) बताती है कि उन्होंने जब अपने नियोक्ता से एक ग्लास पानी मांगा तो अनिच्छा से स्टील का ग्लास देते हुए कहा गया कि वो आगे से सिर्फ इसी ग्लास का इस्तेमाल करे।

उन्होंने कहा, ये ग्लास रसोई के एक कोने में रखा गया था, जो सिर्फ मेरे इस्तेमाल के लिए था. रसोई में दाखिल होने वाले सभी को पता होता है कि मैं वाल्मीकि हूं। मैंने जिन घरों में काम किया, उनमें ऐसा ही हुआ. सुनीता हिंडन आवासीय क्षेत्र के पास गजियाबाद के करेरा गांव में रहती हैं।

साल 2009 में उनका बड़ा बेटा पवन जब गाजियाबाद स्थित लग्जरी अपार्टमेंट के परिसर में चपरासी की नौकरी के लिए गया तो उनके उपमान वाल्मीकि नियोक्ता के लिए यह कहने के लिए काफी था कि वो सिर्फ सफाई विभाग में काम कर सकता था।

पवन ने बताया, मैंने सफाईकर्मी के नौकरी के लिए आवदेन नहीं किया मगर मैंने ये नौकरी स्वीकार कर ली क्योंकि मुझे पैसे की जरुरत थी. हालांकि मैंने वहां खुद के साथ हुए भेदभाव को पहचान लिया था क्योंकि पीढिय़ों से हम इसका सामना कर रहे हैं।

पवन ने ये सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में उनके बच्चों को भेदभाव का सामना ना करना पड़े उन्होंने 14 अक्टूबर को अपने परिवार के सदस्यों और कई अन्य पड़ोसियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया।

उन्होंने कहा कि करेरा के 236 लोगों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के परपोते राजरतन आंबेडकर की उपस्थिति में बौद्ध धर्म अपना लिया। बौद्ध धर्म अपनाने वालों में इंदर राम (65) भी शामिल हैं जो पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित एक यूनिट में मैकेनिक हैं. उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म में कोई जाति नहीं है. वहां कोई ठाकुर, वाल्मीकि नहीं है. हर कोई सिर्फ इंसान है और सभी बौद्ध हैं।

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तनिष्क के शोरूम पर गुस्साई भीड़ ने बोला धावा, मैनेजर का विज्ञापन पर माफीनामा, हटाया विज्ञापन

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तनिष्क के शोरूम पर गुस्साई भीड़ ने बोला धावा, मैनेजर का विज्ञापन पर माफीनामा, हटाया विज्ञापन
तनिष्क के शोरूम पर गुस्साई भीड़ ने बोला धावा, मैनेजर का विज्ञापन पर माफीनामा, हटाया विज्ञापन

नई दिल्‍ली, देशज न्यूज। गुजरात के कच्‍छ जिले के गांधीधाम में जूलरी ब्रांड तनिष्‍क के विज्ञापन को लेकर गुस्साई भीड़ ने कंपनी के शोरूम पर धावा बोल दिया। लोगों ने तनिष्क शोरूम में जाकर वहां के मैनेजर से विज्ञापन पर माफी मांगने के लिए कहा। इसके बाद मैनेजर ने उन लोगों के दबाव में माफीनामा लिखा। बोर्ड वहां लगा दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस इलाके में गश्‍त कर रही है।

तनिष्क (Tanishq Advertisement) की ओर से जारी बयान में कहा गया है, वह भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुंचने से दुखी है। फिल्म ने अपने उद्देश्य के विपरीत भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इस पर तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कंपनी के इस कदम को लेकर सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर तीव्र बहस शुरू हो गई। तनिष्क ने अपने आभूषण संग्रह ‘एकत्वम’ को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन पिछले सप्ताह जारी किया था और तभी से इसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।

जानकारी के अनुसार, तनिष्क ने मंगलवार को अपने उस विज्ञापन को वापस ले लिया। इसमें दो अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोगों के एक परिवार को दिखाया गया है। तनिष्क ने सोशल मीडिया पर तीखे हमले किए जाने के बाद अपना विज्ञापन वापस ले लिया। इसमें कुछ लोगों ने उस पर ‘लव जिहाद’ और ‘फर्जी धर्मनिरपेक्षता’ को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे।

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