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1 अक्टूबर से रोजमर्रा की जरूरतों में हो रहा बड़ा बदलाव,बैंक-वाहन, डीएल के बदलेंगे नियम

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1 अक्टूबर से रोजमर्रा की जरूरतों में हो रहा बड़ा बदलाव,बैंक-वाहन, डीएल के बदलेंगे नियम
1 अक्टूबर से रोजमर्रा की जरूरतों में हो रहा बड़ा बदलाव,बैंक-वाहन, डीएल के बदलेंगे नियम

नई दिल्ली, देशज न्यूज। देश में जारी कोरोना संकट के बीच एक अक्टूबर से रोजमर्रा की कई चीजें बदलने वाली है। ड्राइविंग लाइसेंस-डीएल रखने की टेंशन खत्म हो जाएगी। दुकानदार पुरानी मिठाई नहीं बेच सकेंगे। एक अक्टूबर से देश से बाहर पैसा भेजने पर भी टीसीएस कटेगा। साथ ही बैंकिंग व मोटर वाहन सहित अन्य नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। एक अक्टूबर से मोटर वाहन नियम, रसोई गैस व उज्जवला योजना समेत कई नियम बदल रहे है।

 जानकारी के अनुसार, दुकानदार पुरानी मिठाई नहीं बेच सकेंगे।  खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने इसे 1 अक्टूबर से अनिवार्य बनाया है। एफएसएसएआई ने खाने की चीज की सेफ्टी तय करने के तहत खाने का सामान बेचने वाले ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर से खुली मिठाइयों पर इस्तेमाल की समय सीमा प्रदर्शित करना जरूरी कर दिया है.

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इसके अलावे, टीवी खरीदना महंगा होने  जा रहा है।  सरकार ने ओपन सेल के आयात पर 5 फीसदी सीमा शुल्क बहाल करने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने एक साल की छूट दी थी, जो 30 सितंबर को खत्म हो जाएगी. इससे 32 इंच के टीवी का दाम 600 रुपए और 42 इंच का दाम 1,200 से 1,500 रुपए तक बढ़ जाएंगे। वहीं, मोटर वाहन नियमों में बदलाव होने जा रहा है। वाहन संबंधी जरूरी डॉक्युमेंट्स जैसे-लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट्स, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट्स आदि को सरकार की ओर से संचालित वेब पोर्टल के माध्यम से मेंटेन किया जा सकेगा। अब आप डिजिटल कॉपी दिखाकर ही काम चला सकते हैं। इस वेब पोर्टल पर लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के सस्पेंशन, कंपाउंडिंग और रिवोकेशन समेत ई-चालान जैसे अपराधों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध होगा।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान होने जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि उसने मोटर वाहन नियम 1989 में किए गए तमाम संशोधनों के बारे में नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें मोटर वाहन नियमों की बेहतर निगरानी व उन्हें लागू करने के लिए एक अक्टूबर 2020 से पोर्टल के माध्यम से वाहन संबंधी दस्तावेजों और ई-चालान का रखरखाव किया जा सकेगा. नए नियमों के तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आपको ज्यादा डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी. केंद्र सरकार ने डीएल बनवाने के लिए नियमों को आसान कर दिया है।

अब एलपीजी सिलेंडर फ्री नहीं मिलेगा। सरकार की लोकप्रिय योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस सिलेंडर की अवधि 30 सितंबर 2020 को खत्म हो रही है। सरकार इस योजना के तहत गरीबों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देती है। कोरोना के चलते इस योजना के तहत मुफ्त सिलेंडर भी दिया गया। इसकी तारीख को अप्रैल से सितंबर तक बढ़ाया गया था। वहीं, 1 अक्टूबर को गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर व कामर्शियल गैस के रेट भी रिवाइज होंगे।

ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगेगा। केंद्र सरकार ने विदेश पैसे भेजने पर टैक्स वसूलने से जुड़ा नया नियम बना दिया है। ऐसे में अगर आप विदेश में पढ़ रहे अपने बच्चे के पास पैसे भेजते हैं या किसी रिश्तेदार की आर्थिक मदद करते हैं तो रकम पर 5 फीसदी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। फाइनेंस एक्ट, 2020 के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश पैसे भेजने वाले व्यक्ति को टीसीएस देना होगा. एलआरएस के तहत 2.5 लाख डॉलर सालाना तक भेज सकते हैं, जिस पर कोई टैक्स नहीं लगता. इसी को टैक्स के दायरे में लाने के लिए टीसीएस देना होगा.

हेल्थ इंश्योरेंस के तहत मिलेंगी अधिक सुविधाएं। बीमा नियामक आईआरडीएआई के नियमों के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. 1 अक्टूबर से सभी मौजूदा और नए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज के तहत किफायती दर पर अधिक बीमारियों का कवर उपलब्ध होगा. यह बदलाव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को स्टैंडर्डाइज्ड व कस्टमर सेंट्रिक बनाने के लिए किया जा रहा है. इसमें कई अन्य बदलाव भी शामिल हैं. बीमा नियामक प्राधिकरण इरडा (इरडा) ने उन नियमों में बदलाव किया, जिससे लोगों को फायदा होगा। इसके अलावा कंपनियां अपनी मनमर्जी से क्लेम को रिजेक्ट नहीं कर पाएंगी।

घर बैठे मिलेंगी वित्तीय सेवाएं बैंक ग्राहकों को अभी घर बैठे-बैठे चेक, डिमांड ड्राफ्ट, पे ऑर्डर पिक करने जैसी गैर-वित्तीय सेवाएं ही मिलती हैं। इसके अलावा एफडी के ब्?याज पर लगने वाला टैक्स बचाने के लिए जमा किए जाने वाले फॉर्म-15जी व 15एच, आयकर या जीएसटी चालान पिक करने के साथ ही अकाउंट स्टेटमेंट रिक्वेस्ट, टर्म डिपॉजिट रसीद की डिलीवरी की सुविधा भी ग्राहकों को घर पर ही उपलब्ध कराई जाती है। डोरस्टेप बैंकिंग सर्विस लॉन्च होने के बाद अब वित्तीय सेवाएं अक्टूबर 2020 से घर पर ही उपलब्ध होंगी।

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

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हाईकोर्ट के मध्यप्रदेश में रैलियों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

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हाईकोर्ट के मध्यप्रदेश में रैलियों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट के मध्यप्रदेश में रैलियों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, देशज न्यूज। मध्यप्रदेश उपचुनाव में उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. दरअसल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के तहत विधानसभा उपचुनावों में चुनाव प्रचार के लिए सीमित संख्या के साथ भौतिक राजनीतिक सभा के लिए दी गई अनुमति पर रोक लगा दी है।

मध्यप्रदेश में भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति निष्ठावान कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा उपचुनाव कराए जा रहे हैं। हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने अपने आदेश में राजनीतिक दलों को भौतिक सभाओं से रोक दिया है, जब तक कि उन्हें जिलाधिकारियों और चुनाव आयोग से यह प्रमाणित नहीं किया गया हो कि वर्चु्अल चुनाव अभियान संभव नहीं है।

अगर भौतिक सभा करने की इजाजत मिल भी जाती है तो, राजनीतिक दल को इसके लिए धन राशि जमा कराने की आवश्यकता होगी. यह धन राशि सभा में अपेक्षित लोगों की संख्या की सुरक्षा और सैनेटाइजेशन के लिए जरूरी मास्क और सैनेटाइजर की दोगुनी खरीद करने के लिए पर्याप्त होनी चाहिए।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित उम्मीदवार सभाओं में मौजूद लोगों को मास्क और सैनेटाइजर के वितरण के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेवार होंगे।

चुनाव आयोग ने तर्क दिया है कि हाईकोर्ट का 20 अक्तूबर का आदेश सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगातार दिए गए आदेशों की अवहेलना करता है. आयोग ने कहा सर्वोच्च अदालत अपने आदेशों में यह कहता रहा है कि चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया के संचालन और पर्यवेक्षण के लिए एकमात्र प्राधिकरण है और बहु-स्तरीय चुनाव प्रक्रिया में अदालतों को हस्तक्षेप करने से रोकता है।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने पिछले हफ्ते कोरोना महामारी के बीच सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) को सुनिश्चित करने के लिए चुनावी रैलियों में 100 से अधिक लोगों को शामिल करने वाली किसी भी राजनीतिक रैली के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी थी।

ग्वालियर पीठ के न्यायमूर्ति शील नागू और न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने अधिवक्ता आशीष प्रताप द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया था।

मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए मंगलवार (29 सितंबर) को तारीखों की घोषणा की थी. चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है. इसी के साथ राज्य में चुनावी रैलियों का दौर शुरू हो चुका है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुरुवार को अपनी चुनावी रैलियों को निरस्त करना पड़ा था. इसे लेकर राज्य के मुख्यमंत्री चौहान ने गुरुवार को कहा था, हम उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जा रहे हैं. बिहार में हर दिन राजनीतिक रैलियां हो रही हैं। एक देश में इस तरह का विरोधाभासी कानून नहीं हो सकता है।

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चुनाव से बेफ्रिक प्याज ने बिगाड़ा रसोई का बजट! पिछले एक महीने में 4 गुना बढ़ी कीमत

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चुनाव से बेफ्रिक प्याज ने बिगाड़ा रसोई का बजट! पिछले एक महीने में 4 गुना बढ़ी कीमत
चुनाव से बेफ्रिक प्याज ने बिगाड़ा रसोई का बजट! पिछले एक महीने में 4 गुना बढ़ी कीमत

नई दिल्ली, देशज न्यूज। देश में नवरात्रि के समय प्याज की मांग कम हो जाती है लेकिन इसके बावजूद भी आलू और प्याज के दाम इस समय आसमान पर पहुंच गए हैं।

सरकार के कई कदम उठाने के बाद भी पिछले कई हफ्तों से प्याज के दाम में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके कारण आम आदमी के रसोई का बजट बिगाड़ गया है। पिछले एक महीने में बेंगलुरू में प्याज के मूल्यों में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

20 सितंबर को बेंगलुरू में 22 रुपये किलो बिकने वाला प्याज इस महीने 88 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है, वहीं तिरुवनंतपुरम में प्याज 90 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिका। राजधानी दिल्ली की बात करें तो पिछले एक हफ्ते में प्याज के भाव भी पिछले हफ्ते में 8 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं।

शहरों में खुदरा प्याज की कीमतों के तुलनात्मक विश्लेषण से पता चलता है कि दक्षिणी राज्यों में पिछले 30 दिनों में दो से तीन गुना प्याज की कीमत में इजाफा हुआ है. बढ़ी हैं।

तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली को छोड़कर सभी केंद्रों पर खुदरा मूल्य दोगुने से अधिक हो गए। तेलंगाना में सभी केंद्रों पर कीमतें दोगुनी रही. कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी यही हाल रहा। प्याज के भाव में राहत मिलने में अभी थोड़ा और समय लग सकता है, क्योंकि भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में ताजा फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, इसके चलते आयात आने में अभी कुछ समय और लगेगा।

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भारतीय रेलवे अब रेल कोच और घर तक पहुंचायेगा यात्रियों का सामान, शुरू की सेवा

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भारतीय रेलवे अब रेल कोच और घर तक पहुंचायेगा यात्रियों का सामान, शुरू की सेवा
भारतीय रेलवे अब रेल कोच और घर तक पहुंचायेगा यात्रियों का सामान, शुरू की सेवा

नई दिल्ली, देशज न्यूज। भारतीय रेलवे नए उपायों से राजस्व को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है. इसी अंतर्गत रेलवे ने दिल्ली मंडल में गैर किराया राजस्व अर्जन योजना के तहत ऐप आधारित बैग्स ऑन व्हील्स सेवा शुरू की है।

देश में रेलयात्रियों के लिए यह अपनी तरह की पहली सेवा होगी. BOW ऐप  के द्वारा रेलयात्री अपने सामान को अपने घर से रेलवे स्टेशन तक लाने अथवा रेलवे स्टेशन से घर तक पहुंचाने के लिए आवेदन करेंगे। यात्री का सामान सुरक्षित तरीके से लेकर रेलयात्री के बुकिंग विवरण के अनुसार उसके कोच या घर तक पहुंचाने का कार्य ठेकेदार द्वारा किया जाएगा।

नाम मात्र के शुल्क पर रेलयात्रियों को सामान की डोर-टू-डोर सेवा फर्म द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी और यात्री के घर से उसका सामान रेलगाड़ी में उसके कोच तक अथवा उसके कोच से उसके घर तक सुगमता से पहुंचाया जाएगा. यह सेवा रेलयात्रियों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग जनों और अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगी।

इस सेवा की खास खूबी यह है कि सामान की सुपुर्दगी रेलगाड़ी के प्रस्थान से पहले सुनिश्चित की जाएगी. इसके फलस्वरूप यात्री कोच तक सामान लाने या ले जाने की परेशानी से मुक्त हो एक अलग ही प्रकार की यात्रा का अनुभव करेंगे. शुरूआत में यह सेवा नई दिल्ली, दिल्ली हजरत निजामुद्दीन, दिल्ली छावनी, दिल्ली सराय रोहिला, गाजियाबाद और गुडगांव रेलवे स्टेशनों से चढ़ने वाले रेलयात्रियों के लिए उपलब्ध होगी।

इस सेवा से न केवल यात्री लाभान्वित होंगे बल्कि रेलवे को भी सालाना 50 लाख रुपए के गैर किराया राजस्व की प्राप्ति के साथ ही साथ में एक वर्ष की अवधि के लिए 10 फीसदी की हिस्सेदारी भी प्राप्त होगी। भारतीय रेलवे के यात्रियों ने अब तक पैलेस ऑन व्हील्स सेवा का आनंद उठाया है, अब वे बैग्स ऑन व्हील्स सेवा का भी आनंद ले सकेंगे।

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