Connect with us

Delhi

आया सरकारी खुशखबरी: व्‍यापारियों को राहत, 40 लाख रुपए सालाना टर्नओवर जीएसटी से मुक्त

Published

on

आया सरकारी खुशखबरी: व्‍यापारियों को राहत, 40 लाख रुपए सालाना टर्नओवर जीएसटी से मुक्त

जीएसटी काउंसिल ने टैक्‍स रेट घटाया, करदातों की संख्‍या 124 करोड़: वित्‍त मंत्रालय 

 

नई दिल्‍ली, देशज न्यूज। केंद्र सरकार ने पूर्व वित्‍त मंत्री अरुण जेटली की पहली पुण्यतिथि पर कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्रालय ने कारोबारियों को राहत देते हुए 40 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक वाले कारोबार को जीएसटी से मुक्त कर दिया है। वित्‍त मंत्रालय ने सोमवार को ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। GST reduced tax rates, doubled taxpayer base to 1.24 crore

वित्‍त मंत्रालय ने जीएसटी से कारोबार जगत को हुए फायदे को लेकर जारी सिलसिलेवार ट्वीट में अपनी उपलब्धियां भी गिनाई है। मंत्रालय ने 1.5 करोड़ रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबार को कम्पोजिट स्कीम का चुनाव कर सिर्फ 1 फीसदी टैक्स देने का विकल्प दिया है। इससे पहले 75 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले कारोबारी ही कम्पोजिशन स्कीम को चुन सकते थे।

गौरतलब है कि अरुण जेटली के वित्त मंत्री रहने के दौरान ही जनवरी, 2019 में माल एवं सेवाकर (जीएसटी) काउंसिल ने छोटे कारोबारियों को बड़ा तोहफा दिया था। अब 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन से मुक्ति दे दी गई है। पहले ये सीमा 20 लाख रुपये की थी।  GST reduced tax rates, doubled taxpayer base to 1.24 crore

लगातार विश्वसनीय, असरदार, करेंट, ब्रेकिंग दरभंगा, मधुबनी से लेकर संपूर्ण मिथिलांचल, देश से विदेशों तक लगातार खबरों के लिए हमसें यहां जुड़ें,

वित्‍त मंत्रालय ने ट्वीट में कहा है कि जीएसटी को लागू होने के के बाद से अधिकांश चीजों पर लगने वाले टैक्स रेट में कमी की गई है। मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा है कि अब 28 फीसदी के टैक्स स्लैब के तहत केवल विलासिता से जुड़ी चीजें एवं अहितकर सामान ही रह गए हैं। इस टैक्स स्लैब के तहत 230 वस्तुएं थी, लेकिन लगभग 200 वस्तुओं को कम टैक्स वाले स्लैब में शिफ्ट कर दिया गया है।

इसी तरह निर्माण क्षेत्र, खासकर हाउसिंग सेक्टर को भी कई राहत दी है। इस सेक्टर के लिए अब जीएसटी रेट सिर्फ 5 फीसदी है। इतना ही नहीं अफोर्डेबल हा​उसिंग के लिए जीएसटी को सिर्फ एक फीसदी कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद टैक्सपेयर बेस दोगुना हो गया है। GST reduced tax rates, doubled taxpayer base to 1.24 crore

उल्‍लेखनीय है कि शुरुआत में जीएसटी के तहत आने वाले कारोबारी करीब 65 लाख थे, जिसकी संख्या बढ़कर 1.24 करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं, जीएसटी से जुड़ी सारी प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटेड हो गई है। इसके अलावा अभी तक 50 करोड़ रिटर्न ऑनलाइन फाइल किए जा चुके हैं और 131 करोड़ ई-बिल जेनरेट हुए हैं।GST reduced tax rates, doubled taxpayer base to 1.24 crore

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Delhi

केंद्र सरकार की कर्जदारों को बड़ी राहत, 2 करोड़ रुपए के कर्ज के ब्याज पर दी छूट

Published

on

केंद्र सरकार की कर्जदारों को बड़ी राहत, 2 करोड़ रुपए के कर्ज के ब्याज पर दी छूट
केंद्र सरकार की कर्जदारों को बड़ी राहत, 2 करोड़ रुपए के कर्ज के ब्याज पर दी छूट

नई दिल्ली, देशज न्यूज। केंद्र सरकार ने कर्जदारों को बड़ी राहत दी है. उसने बैंकों से कर्ज लेने वालों को एक तरह से दिवाली का उपहार तोहफा देते हुए दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज से राहत देने की की शुक्रवार को देर रात घोषणा की। यह राहत सभी कर्जदारों को मिलेगा, चाहे उन्होंने किस्त भुगतान से छह महीने की दी गयी छूट का लाभ उठाया हो या नहीं।

वित्तीय सेवा विभाग ने उच्चतम न्यायालय के द्वारा ब्याज राहत योजना लागू करने का निर्देश दिये जाने के बाद इसके परिचालन के दिशानिर्देश जारी कर दिये. इस योजना के क्रियान्वयन से सरकारी खजाने पर 6,500 करोड़ रुपये का बोझ पडऩे का अनुमान है.शीर्ष अदालत ने 14 अक्टूबर को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर रिजर्व बैंक की किस्तों के भुगतान से छूट की योजना के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज माफ करने के बारे में यथाशीघ्र निर्णय ले।

उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि आम लोगों की दिवाली अब सरकार के हाथों में है. मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार कर्जदार विनिर्दिष्ट ऋण खातों पर एक मार्च से 31 अगस्त 2020 के लिये इस योजना (ब्याज राहत) का लाभ उठा सकते हैं.इसमें कहा गया, जिन कर्जदारों के ऋण खाते की मंजूर सीमा या कुल बकाया राशि 29 फरवरी तक दो करोड़ रुपये से अधिक नहीं है, वे इस योजना का लाभ उठाने के पात्र होंगे. दिशानिर्देशों में बतायी गयी पात्रता शर्तों के अनुसार, 29 फरवरी तक इन खातों का मानक होना अनिवार्य है।

मानक खाता उन खाताओं को कहा जाता है, जिन्हें गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) नहीं घोषित किया गया हो. इस योजना के तहत आवास ऋण, शिक्षा ऋण, क्रेडिट कार्ड का बकाया, वाहन ऋण, एमएसएमई ऋण, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद ऋण और उपभोग ऋण के धारकों को लाभ मिलेगा.योजना के तहत, कर्ज देने वाले संस्थानों को योजना की अवधि के लिये पात्र कर्जदारों के संबंधित खातों में संचयी ब्याज व साधारण ब्याज के अंतर की राशि जमा करनी होगी।

योजना में कहा गया है कि कर्जधारक ने रिजर्व बैंक की ओर से 27 मार्च 2020 को घोषित किस्त भुगतान से छूट योजना का पूर्णत: या अंशत: लाभ का विकल्प चुना हो यह नहीं, उसे ब्याज राहत का पात्र माना जायेगा. कर्ज राहत योजना का लाभ उन कर्जधारकों को भी मिलेगा जो नियमित किस्तों का भुगतान करते रहे.कर्ज देने वाले संस्थान दी गयी छूट के तहत संबंधित राशि कर्जधारक के खाते में जमा करने के बाद केंद्र सरकार से उसके बराबर राशि पाने के लिये दावा करेंगे।

उच्चतम न्यायालय ने 14 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए कहा था, वह इस बारे में चिंतित है कि कर्जदारों को ब्याज राहत का लाभ किस तरह से दिया जाये. उच्चतम न्यायालय ने तब कहा था कि केंद्र सरकार ने आम लोगों की बदहाल स्थिति का संज्ञान लेते हुए अच्छा निर्णय लिया है. हालांकि शीर्ष न्यायालय ने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि अब तक इस संबंध में कोई आदेश नहीं जारी किया गया है।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अगुवाई वाली पीठ ने कहा था, कुछ ठोस किए जाने की जरूरत है। जितना जल्दी संभव हो सके, दो करोड़ रुपए तक के कर्जदारों को ब्याज से राहत देने की योजना का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख दो नवंबर तय करते हुए कहा बैंकों तथा केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे वकीलों से कहा था, लोगों की दिवाली अब आपके हाथों में है।

Continue Reading

Delhi

फारुक अब्दुला ने कहा- जम्मू-कश्मीर के हक में आवाज करते रहेंगे बुलंद

Published

on

फारुक अब्दुला ने कहा- जम्मू-कश्मीर के हक में आवाज करते रहेंगे बुलंद
फारुक अब्दुला ने कहा- जम्मू-कश्मीर के हक में आवाज करते रहेंगे बुलंद

नई दिल्ली, देशज न्यूज। जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में धारा 370 हटाने से नाराज राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। महबूबा मुफ्ती के कल ही विवादित बयान के बाद आज उनके आवास पर बैठक हुई। जिसमें हिस्सा लेने के बाद फारुख अब्दुल्ला ने साफ किया कि जम्मू-कश्मीर के अवाम के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे बीजेपी विरोधी है। इसका मतलब यह नहीं कि देशद्रोही हो गए है।

दूसरी तरफ आज पीपल्स अलायंस बैठक हुई। जिसमें फारूक अब्दुल्ला को अध्यक्ष चुना गया। जबकि महबूबा मुफ्ती उपाध्यक्ष रहेगी। इस बैठक में सज्जाद लोन और उमर अब्दुला ने भी हिस्सा लिया। फारुक ने कहा कि संगठन का लक्ष्य सिर्फ लोगों को उसका हक दिलाना है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर बांटने की साजिश हमेशा से नाकाम रहेगी। उधर बिहार चुनाव प्रचार के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का जिक्र किया। जिस पर महबूबा प्रतिक्रिया दे रही थी। वहीं कांग्रेस ने महबूबा के बयान को सोची-समझी राजनीति के तहत दिया गया बयान बताकर निंदा की।

इससे पहले कल ही महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि धारा 370 लेकर वे रहेंगी। जब तक फिर से बहाल नहीं हो जाती है. तब तक चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही तिरंगा भी हाथ में लेने से मना कर दिया। जिसके बाद सभी राजनीतिक दलों ने जमकर आलोचना की।

Continue Reading

Delhi

सिकुड़ता जा रहा NDA! बिहार चुनाव बाद लोजपा के भविष्य पर होगा फैसला…अंदर या बाहर

Published

on

सिकुड़ता जा रहा NDA! बिहार चुनाव बाद लोजपा के भविष्य पर होगा फैसला...अंदर या बाहर
सिकुड़ता जा रहा NDA! बिहार चुनाव बाद लोजपा के भविष्य पर होगा फैसला...अंदर या बाहर

नई दिल्ली, देशज न्यूज। एनडीए लगातार देश भर में सिकुड़ता जा रहा है। पहले शिवसेना उसके बाद अकाली और अब लोजपा के अलग होने से आने वाले दिनों में बीजेपी की मुश्किलें खड़ी हो सकती है। हालांकि बीजेपी के लिये संतोष की बात है कि केंद्र में मोदी सरकार को किसी भी तरह का खतरा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। लेकिन एनडीए में ज्यादा से ज्यादा दलों को इकट्ठा रखने से बीजेपी को यूपीए पर मनोवैज्ञानिक तौर पर बढ़त हासिल होती है।   

ऐसे में, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में बमुश्किल चार दिन बचे है। इस बीच राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है। लेकिन बिहार के परिपेक्ष्य में एनडीए गठबंधन पर नजर दौड़ाने पर एक बात तो साफ नजर आ रही है, नुकसान होना तो तय है। यदि नीतीश कुमार की वापसी नहीं होती है तब भी एनडीए का बिखराव स्पष्ट दिख रहा है। ऐसे स्थिति में राज्य में नए समीकरण देखने को मिलें तो आश्चर्य नहीं होगा।

कारण, अगर नीतीश के नेतृ्व में फिर से सरकार बनती है तो चिराग पासवान की एनडीए में एंट्री थोड़े दिनों के लिए ठंडे बस्ते में चला जाएगा। ऐसे स्थिति में बिहार एनडीए में बीजेपी और जदयू ही रहेंगे। कारण, चिराग लगातार नीतीश व जदयू पर हमलावर हैं। नीतीश को जेल भेजने तक की बात कह रहे हैं।

चुनाव परिणाम बाद बिहार में बीजेपी व लोजपा मजबूती से एकसाथ आ सकते है। इसमें नीतीश के एनडीए में बने रहने पर संशय रह सकता है। हालांकि देखा गया है, किसी गठबंधन में दो अलग-अलग विरोेधी दल भी साथ-साथ गठबंधन धर्म निभाते रहते है। लेकिन नीतीश और चिराग में जिस तरह के मनमुटाव रहे है उससे एनडीए में एक साथ रहना फिलहाल मुश्किल ही नजर आ रहा है।

 

Continue Reading

लोकप्रिय

Copyright © 2020 Deshaj Group of Print. All Rights Reserved Tingg Technology Solution LLP.

%d bloggers like this: