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भागवत ने किया लोगों का आह्वान, आत्मनिर्भर भारत के लिए अतीत को जानना जरूरी

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Dr Mohan Bhagwat, RSS Chief, Book realising function
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है। यदि देश को आत्मनिर्भर बनाना है तो पहले हमें अपने अतीत को जानना होगा। अपने अतीत को जाने बिना हम देश को आत्मनिर्भर नहीं बना सकते। उन्होंने यह आह्वान सभ्यता अध्ययन केंद्र के निदेशक रविशंकर की पुस्तक ‘ऐतिहासिक कालगणना : एक भारतीय विवेचन’ के विमोचन समारोह में किया।
समारोह का आयोजन यहां कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हाल में किया गया। डॉ. भागवत ने कहा कि अंग्रेजों ने भारत पर राज करने के लिए पहले हमको जड़ों से अलग किया। हमारे मूल को हमसे छीन लिया और अपनी अधूरी बातों को थोप दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान के अनुसंधान का मूल आधार ही विदेशियों ने हमसे काट दिया। इसमें काल प्रमुख है। सभी तरह के ज्ञान का प्रारंभ भी काल से ही होता है। इसलिए हमारी एक वृत्ति बन गई कि हमारे पास कुछ है ही नहीं। जो कुछ किया वो अंग्रेजों ने किया। हमारे पूर्वजों ने कुछ नहीं किया।
उन्होंने कहा कि विदेशी प्रभाव का यह परदा हटाकर ही हमें सोचना पड़ेगा। भारत को भारत की नजर से देखना पड़ेगा। तभी वास्तविकता दिखेगी। उसका दर्शन होगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने मूल से जुड़ना होगा। बिना इसके हम अपने गौरवशाली अतीत को नहीं जान सकते। सरसंघचालक ने कहा कि समाज के फैले इस भ्रम और असत्य को दूर करने के लिए भारत का पक्ष लेकर लड़ने वाले ‘बौद्धिक क्षत्रिय’ चाहिए। यह अध्ययन केंद्र ऐसे बौद्धिक क्षत्रिय का निर्माण कर रहा है। यह Dr Mohan Bhagwat, RSS Chief, Book realising function आनंद का विषय है।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं बागपत के भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया और लातूर (महाराष्ट्र) के सांसद सुधाकर तुकाराम श्रृंगारे समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।
डॉ. सत्यपाल सिंह ने विमोचन समारोह को ज्ञानयज्ञ की संज्ञा दी। Dr Mohan Bhagwat, RSS Chief, Book realising function उन्होंने कहा कि हमारा अतीत गौरवशाली रहा है। हमें अपनी महान सभ्यता एवं संस्कृति पर गर्व होना चाहिए लेकिन यह सत्य इतिहास की पुस्तकों में भी होनी चाहिए। इसलिए भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता है। उन्होंने महाभारत के एक प्रसंग की चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया में मीठा सत्य बोलने वाले बहुत लोग मिलेंगे लेकिन कड़वा सत्य बोलने वाले कम ही लोग हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि रविशंकर की यह पुस्तक कड़वा सत्य बयां करती है। पुस्तक में कही गई बातों से वह पूर्णरूपेण सहमत हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में पुस्तक के लेखक रविशंकर ने बताया कि राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संयोजक केएन गोविंदाचार्य की प्रेरणा से यह पुस्तक लिखी। रविशंकर ने कहा कि सभ्यता और संस्कृति में अंतर होता है लेकिन यह अंतर हम परिभाषा में गड़बड़ी के कारण नहीं जान पाए। उन्होंने कहा कि परिभाषा के स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं, क्योंकि जब मौलिक परिभाषा में गड़बड़ी होती है तो उसके आगे की सारी प्रक्रियाएं गड़बड़ ही होती हैं। हम चीजों को जब भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखेंगे Dr Mohan Bhagwat, RSS Chief, Book realising function तो  जान पाएंगे कि सत्य क्या है। कहने का अर्थ है कि भारत को भारतीय परिप्रेक्ष्य में जाने बिना भारत को नहीं जाना जा सकता।
लेखक ने कहा कि भारत का इतिहास आज जो पढ़ाया जाता है, उसमें ढेरों समस्याएं हैं। सबसे पहली समस्या इसकी प्राचनीता की है। भारत का इतिहास कितना प्राचीन है? कितना प्राचीन हो सकता है? यह प्रश्न हमारे सामने इसलिए भी उपस्थित होता है, क्योंकि आज विश्व पर जिन लोगों का प्रभुत्व है, उनकी अपनी इतिहास दृष्टि बहुत छोटी और संकुचित है। यूरोप और अमेरिका आदि नवयूरोपीय लोगों पर ईसाई कालगणना का ही प्रभाव है, जोकि मात्र छह हजार पहले सृष्टि की रचना मानते थे। वहां के विज्ञानी भी इस भ्रामक अवधारणा से मुक्त नहीं हैं और इसीलिए वे एक मिथकीय चरित्र ईसा को ही कालगणना के आधार के Dr Mohan Bhagwat, RSS Chief, Book realising function रूप में स्वीकार करते हैं।
रविशंकर ने कहा कि यूरोप के इस अज्ञान के प्रभाव में भारतीय विद्वान भी फंसे। जिन भारतीय विद्वानों ने इसका विरोध किया वह भी कहीं न कहीं इसकी चपेट में आ गए और इसलिए पुराणों जैसे भारतीय स्रोतों से इतिहास लिखने का दावा करने वाले विद्वानों ने भी मानव सभ्यता का इतिहास कुछेक हजार अथवा कुछेक लाख वर्षों में समेट दिया। किसी भी विद्वान ने शास्त्रसम्मत युगगणना को सही मानने का साहस नहीं दिखाया बल्कि सभी ने इसके उपाय ढूंढे ताकि यूरोपीय खांचे में भारत के इतिहास को डाला जा सके। इस भ्रमजाल को काटने और इस भ्रमजाल को मजबूती प्रदान करने वाले आधुनिक विज्ञान के सिद्धांतों की Dr Mohan Bhagwat, RSS Chief, Book realising functionविवेचना किए बिना कालगणना में सुधार करना संभव नहीं है। इस बात को ध्यान में रखकर ही इस पुस्तक का प्रवर्तन किया गया है।

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पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान, नतीजे 2 मई को आएंगे

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पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान, नतीजे 2 मई को आएंगे

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को चार राज्यों और एक केन्द्र शासित प्रदेश के लिए चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर दी। पश्चिम बंगाल में आठ और असम में  तीन चरणों में मतदान होगा। तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में एक चरण में मतदान होगा। पूरी खबर के लिए क्लिक करें

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india-pakistan-hotline contact भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर गोलीबारी बंद करने का फैसला, पाकिस्तान ने ​हॉटलाइन ​पर की ‘शांति’ की बात

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– भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर गोलीबारी बंद करने का फैसला 
– दोनों देशों के डीजीएमओ ने हॉटलाइन ​पर बात करके सहमति जताई 
 
नई दिल्ली।​ ​चीन सीमा पर हालात सुधरते ही भारत ने अपना ध्यान पाकिस्तान की सीमा पर केन्द्रित कर दिया है। भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों​​ के सैन्य संचालन महानिदेशक ​(​डीजीएमओ) ने​ गुरुवार को ​​​​हॉटलाइन ​पर बात की। दोनों पक्षों ने नियंत्रण रेखा और अन्य सभी क्षेत्रों में स्वतंत्र, स्पष्ट और सौहार्दपूर्ण वातावरण में स्थिति की समीक्षा की।​ नियंत्रण रेखा और अन्य सभी क्षेत्रों में 24/25 फरवरी, 2021 की मध्य रात्रि से गोलीबारी बंद करने के लिए भी सहमति जताई गई।​​ 
एक साझा बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने सभी संधियों, समझौतों और संघर्ष विराम के नियमों का पालन करने पर सहमति जताई। यह सहमति 24-25 फरवरी की मध्‍य रात्रि से लागू हो गई​ है जिसमें सीमा पर गोलीबारी बंद करने का फैसला​ भी शामिल है​​​। ​दोनों पक्षों ने दोहराया कि​ किसी भी अप्रत्याशित स्थिति या गलतफहमी को हल करने के लिए हॉटलाइन संपर्क और बॉर्डर फ्लैग मीटिंग के मौजूदा तंत्र का उपयोग किया जाएगा।​ पाकिस्तान की सीमा पर पारस्परिक रूप से स्थायी शांति​ स्थापित करने के लिए साझा बयान में कहा गया कि दोनों ​देशों के डीजीएमओ ने ​​​​नियंत्रण रेखा और बाकी सभी सेक्‍टर्स पर हालात की समीक्षा की। गर्मजोशी भरे माहौल में हुई​ वार्ता में यह भी तय हुआ कि दोनों देश उन मुद्दों और चिंताओं पर ​कार्यवाही करेंगे जिनकी वजह से शांति भंग होती है और हिंसा होती है। यह बातचीत सीमाओं पर लगातार शांति बरकरार रखने की दिशा में उठाया गया एक कदम है।
 
चीन सीमा पर करीब 10 माह से चले आ रहे गतिरोध के चलते पूर्वी लद्दाख में कई जगहों पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं। उधर​, इस बीच पाकिस्‍तान भी नियंत्रण रेखा और बाकी सभी सेक्‍टर्स पर​ ​लगातार सीजफायर ​का ​उल्‍लंघन ​करके गोलीबारी कर रहा था। ​चीन से तनाव बढ़ने के बाद 2020 में पाकिस्‍तान की ओर से 5,133 बार सीजफायर का उल्‍लंघन किया गया। इसमें सुरक्षा बलों के 46 जवानों को जान गंवानी पड़ी। ​इससे पहले साल 2019 में सीजफायर उल्‍लंघन की घटनाओं का आंकड़ा 3,233 था। ​2021 में ​29 जनवरी तक सीजनफायर उल्‍लंघन की 299 घटनाएं हो चुकी ​हैं​। ऐसे में भारत ​की सेना ‘टू फ्रंट वार’ के लिए ​भी ​तैयार थी। ​सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे​ और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ​भी कई मौकों पर ​साफ कह चुके थे कि भारत ऐसी किसी परिस्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
चिनार कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू को सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) बनाया गया है और वह अप्रैल में कोर कमांडर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद यह पद संभालेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे अब चिनार कॉर्प्स के कमांडर होंगे और बीएस राजू से पदभार ग्रहण करेंगे। ​अब तक डीजीएमओ रहे लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह संघा ने पिछले सप्ताह सेना मुख्यालय में उप प्रमुख (रणनीति) के रूप में पदभार संभाला है।
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आम आदमी को बड़ा झटका! आज फिर बढ़े गैस सिलेंडर के दाम, 3 महीने में 200 तक महंगा हो गया हर कीचन, 4 फरवरी को दाम में 25 रुपए, 15 फरवरी को 50 रुपए, आज से फिर से 25 रुपए की बढ़ोत्तरी

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1 दिसंबर को गैस सिलेंडर 594 रुपए से बढ़कर 644 रुपए हुए थे। 1 जनवरी को फिर से 50 रुपए बढ़ाए गए। इसके बाद 644 रुपए वाला सिलेंडर 694 रुपए हो गया। 4 फरवरी को की गई बढ़ोत्तरी के बाद इसकी कीमत 644 रुपए से बढ़कर 719 रुपए हो गई। 15 फरवरी को 719  से 769 रुपए और 25 फरवरी को 25 रुपए दाम बढ़ने से इसकी कीमत 769 से 794 रुपए पर आ गई।

नई दिल्ली। सरकार ने आम आदमी को एक और बड़ा झटका दिया है। तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी कर दी है. जिसके बाद बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 769 से बढ़कर 794 रुपए हो गई है। बढ़े हुए दाम आज 25 फरवरी 2021 से लागू हो गए हैं।  इस महीने गैस सिलेंडर की कीमतों में यह तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में आज 25 रुपए तक का इजाफा किया गया है।

फरवरी महीने में तीन बार गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं। सरकार ने 4 फरवरी को दाम में 25 रुपए का इजाफा किया। इसके बाद 15 फरवरी को एक फिर से सिलेंडर के दाम 50 रुपए बढ़े  और अब यह तीसरी बार है जब फिर से 25 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।

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