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केंद्र का निर्णय, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की खैर नहीं, सोशल मीडिया पर अपराध के साथ पोस्ट होंगी फोटो

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केंद्र का निर्णय, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की खैर नहीं, सोशल मीडिया पर अपराध के साथ पोस्ट होंगी फोटो
केंद्र का निर्णय, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की खैर नहीं, सोशल मीडिया पर अपराध के साथ पोस्ट होंगी फोटो

नई दिल्ली, देशज न्यूज। केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि अब भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तस्वीरें उनके गुनाह के साथ थानों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएंगी। इसके अलावा ये प्रदर्शन सिर्फ पुलिस थानों तक ही सीमित नहीं होगा, बल्कि अधिकारी इसे सोशल मीडिया पर भी साझा करेंगे। ये निर्णय सरकार की पुलिस छवि और सार्वजनिक संपर्क की पहल के हिस्से के रूप में लिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है। निर्देश में कहा गया, भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को सोशल मीडिया पर उचित प्रचार मिलेगा; जिन घटनाओं में वे शामिल थे, उन विवरणों के साथ पुलिस थानों में भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी।

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सरकार में उच्च पदस्त सूत्रों ने कहा कि ये निर्णय सिर्फ निचले स्तर के पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहेगा. भ्रष्ट वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों की तस्वीरों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

सूत्र ने कहा कि सरकार ने निर्देश दिया है कि भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को पकडऩे के लिए पुलिस बलों को अपनी आंतरिक सतर्कता इकाई को मजबूत करना होगा।

एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा कि विकट जनशक्ति की कमी, कर्तव्य की थकान और कर्तव्य से भागना पुलिसकर्मियों के बीच भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।

पहल के अनुसार, सरकार ने सभी पुलिस प्रमुखों को सोशल मीडिया कंटेंट का विश्लेषण करने और पुलिस पहुंच को बढ़ाने के लिए इन-हाउस टीम बनाने के लिए भी कहा है।

निर्देश में कहा गया है, ट्वीट्स और रीट्वीट, सोशल मीडिया पोस्ट और चचार्ओं को वर्तमान/आगामी मुद्दों के विशिष्ट संदर्भ के साथ धारणा और मनोदशा को समझने के लिए वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण किया जाता है।

निर्देश में कहा गया है कि हिंदी और अंग्रेजी के साथ स्थानीय भाषा का उपयोग सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक पहुंच के लिए, सामग्री के प्रसार के लिए किया जाए।

कहा गया कि इसके लिए छोटे वर्दीधारी पुलिस फुट गश्ती दल का इस्तेमाल किया जाए और पुलिस की छवि को सुधारने के लिए इनकी तस्वीरों और वीडियो का प्रसार किया जाए। निर्देश में आगे कहा गया है कि पुलिस की संवेदनशीलता दिखाने वाले वीडियो और तस्वीरों को व्यापक रूप से सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर साझा किया जाना चाहिए।

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कोरोना के बढ़े मामले तो रेलवे ने देशभर में फिर बंद किए रिटायरिंग रूम

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कोरोना के बढ़े मामले तो रेलवे ने देशभर में फिर बंद किए रिटायरिंग रूम
कोरोना के बढ़े मामले तो रेलवे ने देशभर में फिर बंद किए रिटायरिंग रूम

नई दिल्ली, देशज न्यूज। देश भर में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रही है, जिससे निपटने के लिए रेलवे ने देश भर के स्टेशनों पर यात्रियों की ठहरने की सुविधा के लिए बने रिटायरिंग रूमों को दोबारा बंद कर दिया है।

रेलवे ने मार्च में लॉकडाउन के साथ ही इन्हें बंद कर दिया था. कोरोना संक्रमण का असर कम हआ तो नवंबर 2020 के पहले सप्ताह में इन्हें चालू किया था. यात्रियों को इससे मदद मिल रही थी, क्योंकि किसी भी रेलवे स्टेशन पर रात में उतरने वाले जरूरतमंद यात्री रिटायरिंग रूमों में बुकिंग कर ठहर सकते थे. इससे उन्हें होटलों में ज्यादा शुल्क नहीं चुकाना पड़ता था।

अब फिर से मप्र, दिल्ली समेत अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए रेलवे विभाग ने रिटायरिंग रूम्स की बुकिंग बंद कर दी है. ऐसे में यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर ठहरने की सुविधा नहीं मिलेगी. यात्रियों को प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम में रात गुजार सकते हैं।

रेलवे के देश भर के लगभग सभी प्रमुख स्टेशनों पर रिटायरिंग रूम की सुविधा है. ये रूम उन्हीं यात्रियों के मिलते हैं, जिनके पास यात्रा का वैध टिकट होता है. यात्री इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर इन रूमों को बुक करा सकते हैं। वे यात्री इनका उपयोग अधिक करते हैं, जो किसी भी शहर के स्टेशन पर पहली बार आते हैं और उस शहर में संबंधित यात्रियों के कोई परिचित या रिश्तेदार नहीं रहते।

कुछ यात्री होटलों के महंगे किराए से बचने के लिए भी रिटायरिंग रूम बुक करा लेते हैं. कोरोना संक्रमण के चलते अब इन्हें दूसरी बार बंद करना पड़ा है. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि रिटायरिंग रूम्स को तभी चालू किया जाएगा, जब कोरोना संक्रमण का प्रकोप पूरी तरह खत्म हो जाए।

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योगी सरकार की कैबिनेट ने ‘लव जिहाद’ के खिलाफ अध्यादेश किया पास, मिलेगी कड़ी सजा

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योगी सरकार की कैबिनेट ने 'लव जिहाद' के खिलाफ अध्यादेश किया पास, मिलेगी कड़ी सजा
योगी सरकार की कैबिनेट ने 'लव जिहाद' के खिलाफ अध्यादेश किया पास, मिलेगी कड़ी सजा

नई दिल्ली, देशज न्यूज। उत्तर प्रदेश (Uttarpradesh) मंत्रिमंडल ने विवाह के लिए अवैध धर्मांतरण रोधी कानून के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शादी के लिए धोखाधड़ी कर धर्मांतरण किए जाने की घटनाओं पर रोक लगाने संबंधी कानून के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों कथित ‘लव जिहाद’ (Love jihad) के खिलाफ कानून बनाने का ऐलान किया था।

उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने कानून विभाग को लव जेहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने का प्रस्ताव हाल में भेजा था। सख्त कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा था, राज्य में ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है, जो सामाजिक र्शिमंदगी और दुश्मनी का कारण बने हैं। इन मामलों से माहौल खराब हो रहा है इसलिए एक सख्त कानून समय की जरूरत है।

पिछले महीने जौनपुर और देवरिया में हुए उपचुनावों के लिए रैलियों को संबोधित करते हुए, योगी ने कहा था कि उनकी सरकार ‘लव जिहाद’ से निपटने के लिए एक कानून लेकर आएगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अभी हाल में फैसला दिया था कि सिर्फ शादी के लिए धर्म परिवर्तन को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

मुख्ययमंत्री योगी ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि था कि जो लोग नाम छिपाकर बहू बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करते हैं, अगर वे नहीं सुधरे तो राम नाम सत्य की उनकी अंतिम यात्रा निकलने वाली है। उन्होंने कहा था कि लव जिहाद में शामिल लोगों के पोस्टर चौराहों पर लगाए जाएंगे।

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चीन को बड़ा झटका! देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले 43 Chinese Apps पर सरकार का बैन

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चीन को बड़ा झटका! देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले 43 Chinese Apps पर सरकार का बैन
चीन को बड़ा झटका! देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले 43 मोबाइल ऐप्स पर सरकार का बैन

नई दिल्ली, देशज न्यूज।भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 43 चीनी मोबाइल ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए (Section 69A of the Information Technology Act) के तहत सरकार ने 43 चीनी मोबाइल ऐप्स (43 Chinese Mobile Apps) पर बैन लगा दिया है।

ये ऐप्स ऐसी गतिविधियों में संलग्न पाए गए थे जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं. गृह मंत्रालय और साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर से प्राप्त व्यापक रिपोर्टों के आधार पर सरकार ने ये फैसला लिया है।

सरकार ने 43 और मोबाइल ऐप्स पर बैन लगा दिया है, जिनमें से अधिकतर चाइनीज हैं। इन्हें देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। आईटी ऐक्ट की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई की गई है। सरकार की ओर से बताया गया है कि कार्रवाई यह इनपुट मिलने के बाद की गई है कि ये ऐप्स भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त हैं।

सरकार ने जिन ऐप्स पर बैन लगाया है उनमें अली सप्लायर्स मोबाइल ऐप, अलीबाबा वर्कबेंच, अली एक्सप्रेस, अलीपे कैशियर, लालामूव इंडिया, ड्राइव विद लालामूव इंडिया, स्नैक वीडियो, कैमकार्ड-बिजनेस कार्ड रीडर, कैम कार्ड- बीसीआर वेस्टर्न, सौउल, चाइनजी सोशल, डेट इन एशिया, वी डेट, फ्री डेटिंग ऐप, एडोर ऐप, ट्रूली चाइनीज, ट्रूली एशियन, चाइना लव, डेट माय एज, एशियन डेट, फ्लर्ट विश, गायज ओनली डेटिंग, टूबिट, वी वर्क चाइना, फर्स्ट लव लाइव, रीला, कैशियर वॉलेट, मैंगो टीवी, एमजीटीवी, वी टीवी, वीटीवी लाइट, लकी लाइव, टाओबाओ लाइव, डिंग टॉक, आईडेंटिटी वी, आईसोलैंड 2, बॉक्स स्टार, हैपी फिश, जेलीपॉप मैच, मंचकिन मैच, कॉनक्विस्टा ऑनलाइन शामिल हैं।

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आईटी मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि इन मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाने का फैसला गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की ओर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। इससे पहले सरकार ने 29 जून को 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाया था। इसके बाद 2 सितंबर को 118 और ऐप्स पर पाबंदी लगा दी गई थी। चीन से सीमा पर तनाव के बीच इस सरकार की इस कार्रवाई को डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक भी कहा जाता है।

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