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अब जमीन की रजिस्ट्री कराना होगा आसान, केन्द्र सरकार बदल रही है नियम

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अब जमीन की रजिस्ट्री कराना होगा आसान, केन्द्र सरकार बदल रही है नियम
अब जमीन की रजिस्ट्री कराना होगा आसान, केन्द्र सरकार बदल रही है नियम

नई दिल्ली, देशज न्यूज। विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए केन्द्र सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के साथ जोडऩे का फैसला किया है। केन्द्र सरकार के इस फैसले से न केवल भूमि संबंधी विवादों में अधिक ट्रांसपेरेंसी आएगी, बल्कि वाणिज्यिक मामलों को तेजी से ट्रैक करने में भी मदद मिलेगी।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के साथ प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को लिंक करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी, भूमि संसाधन विभाग और अन्य प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी।

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कैबिनेट सचिवालय को सौंपी गई रिपोर्ट में कानून मंत्रालय ने कहा कि पहली बैठक नियमों के सरलीकरण और प्री-इंस्टीट्यूशन मीडिएशन एंड सेटलमेंट के लिए 12 अक्टूबर को आयोजित की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी ने प्रक्रियाओं को और सरल बनाने के लिए दिल्ली, मुम्बई, कलकत्ता और कर्नाटक हाईकोर्ट के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सभी मुख्यमंत्रियों को स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट के तहत डेडिकेट्ड स्पेशल कोर्ट स्थापित करने के लिए लिखा है। वहीं वाणिज्यिक मामलों के निपटान को सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में उच्च न्यायिक सेवाओं के 42 अतिरिक्त पद सृजित किए हैं, जो अतिरिक्त डेडिकेट्ड स्पेशल कोर्ट को स्थापित करने में मदद करेंगे। वर्तमान में दिल्ली में 22 डेडिकेट्ड स्पेशल कोर्ट हैं।

कोरोना महामारी के कारण सरकार ने सभी कमर्शियल कोर्ट को मामलों की ई-फाइलिंग अनिवार्य करने के लिए कहा था. दिल्ली और मुंबई हाईकोर्ट को 30 जून तक और कोलकाता व कर्नाटक हाईकोर्ट को 30 सितंबर तक सभी डेडिकेट्ड कमर्शियल कोर्ट में ई-फाइलिंग प्रक्रिया को लागू करने के लिए कहा गया था।

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पंजाब से बिहार जा रही बस की ट्रक से सीधी टक्‍कर, छठ मनाने जा रहे 2 मजदूरों की मौत,कई जख्मी 

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पंजाब से बिहार जा रही बस की ट्रक से सीधी टक्‍कर, छठ मनाने जा रहे 2 मजदूरों की मौत,कई जख्मी 
पंजाब से बिहार जा रही बस की ट्रक से सीधी टक्‍कर, छठ मनाने जा रहे 2 मजदूरों की मौत,कई जख्मी 

नई दिल्ली, देशज न्यूज। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद (Moradabad) के थाना मुंडपांडे क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर सड़क हादसे में पंजाब से बिहार के बेतिया छठ मनाने जा रहे मजदूरों में दो की मौत हो गई। वहीं कई जख्मी हैं।

जानकारी के अनुसार, बिहार में मनाए जाने वाली छठपूजा महापर्व के मौके पर 80 कामगारों का एक ग्रुप निजी बस से बिहार जा रहा था. बस जैसे ही मुरादाबाद के दलपतपुर ज़ीरो प्‍वाइंट पर पहुंची, तभी रामपुर से आ रहे ट्रक की ज़ोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस डिवाडर को क्रॉस करती हुई सड़क किनारे बने एक प्‍लॉट में बनी दीवार तोड़कर अंदर जा घुसी। इससे पंजाब के मंडी से मजदूरों को लेकर बिहार के बेतिया जा रही बस और ट्रक  के बीच सीधी टक्कर होने से हादसे में 2 मजदूरों की मौत हो गई। कई लोग घायल हो गए।

कहा जा रहा है कि बस पंजाब (Punjab) से मजदूरों को लेकर बिहार (Bihar) जा रही थी। तभी  नेशनल हाईवे- 24 (NH-24) पर उसकी ट्रक से आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे के बाद तेज़ रफ़्तार बस डिवाइडर को क्रॉस करते हुए सड़क से उतरकर एक प्लाट में बनी दीवार को तोड़ती हुई उसके अंदर जा घुसी।

हादसे के बाद वहां चीख़-पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बस में सवार मजदूरों को बाहर निकाला. बस में 80 कामगार सवार थे। मुरादाबाद के थाना मुंडपांडे क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर दलपतपुर ज़ीरो पॉइंट के पास पंजाब के मंडी से बिहार के बेतिया जा रही निजी बस की ट्रक से ज़ोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायल कामगारों को ज़िला अस्पताल भेजा. हादसे में दो कामगारों की मौत हो गई, जिनके शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

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मोबाइल धारकों के लिए बुरी खबर, 1 जनवरी से लगेगा झटका, 25 फीसदी तक बढ़ेंगे टैरिफ रेट

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मोबाइल धारकों के लिए बुरी खबर, 1 जनवरी से लगेगा झटका, 25 फीसदी तक बढ़ेंगे टैरिफ रेट
मोबाइल धारकों के लिए बुरी खबर, 1 जनवरी से लगेगा झटका, 25 फीसदी तक बढ़ेंगे टैरिफ रेट

नई दिल्ली, देशज न्यूज। साल 2021 में आपके फोन बिल बड़ा झटका दे सकते हैं. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि फोन बिल में करीब 15 से 20 फीसदी तक की बढ़ातरी हो सकती है, क्योंकि वोडाफोन आइडिया (वीआई) और एयरटेल जैसे टेलीकॉम टैरिफ बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा वोडाफोन आइडिया भी दिसंबर में या अगले साल की शुरुआत में टैरिफ में 15 से 20 फीसदी की बढ़ा सकती है।

गौरतलब है कि रिलायंस जियो और भारती एयरटेल में इन दिनों बाजारी स्पर्धा देखने को मिल रही है. सभी प्रतिद्वंद्वी कंपनी एक-दूसरे के टैरिफ प्लान को देखकर अपने टैरिफ प्लान लांच करने की तैयारी कर रही है। वोडाफोन आइडिया के बारे में भी चर्चा है कि दिसंबर की शुरुआत में टैरिफ दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

सूत्रों के मुताबिक साल 2021 में मोबाइल कंपनियां 25 फीसदी तक टैरिफ में बढ़ोतरी कर सकती है, हालांकि कोई भी कंपनी एक बार में टैरिफ को इतना ज्यादा बढ़ाने का खतरा मोल नहीं लेगी और क्रमश: इसमें बढ़ोतरी की जा सकती है. वीआई के एमडी रविंदर ताक्कर पहले ही साफ कर चुके हैं कि वर्तमान टैरिफ दर अनिश्चित हैं और उन्हें बढ़ाने पर विचार करने में शर्म जैसा कुछ नहीं है।

वहीं भारती एयरटेल के सीईओ गोपाल विट्टल ने कहा है कि कीमतों में बढ़ोतरी करने वाले हम पहले ऑपरेटर नहीं होंगे लेकिन यह अपने साथियों को तुरंत फॉलो करेगा. साथ ही उन्होंने इस बात पर भी सहमति जताई है कि वर्तमान टैरिफ दरें अस्थिर हैं।

कितना कमा रही हैं ये कंपनियां

वोडाफोन-आइडिया के एमडी रविंदर टक्कर भी कह चुके हैं कि अभी जो दाम हैं वह टिकने वाले नहीं हैं और दाम बढ़ेंगे. उन्हें ये भी उम्मीद है कि बाकी कॉम्पटीटर्स भी दाम बढ़ाएंगे. टक्कर ने दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद ही कह दिया था कि डेटा के लिए फ्लोर प्राइस के फैसले का इंतजार नहीं किया जा सकता है और टैरिफ के दाम बढ़ेंगे. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि ये ध्यान रखना होगा कि कीमतें बढ़ाने का वक्त सही हो।

वह बोले कि ये तय समझिए कि जल्द ही टैरिफ रेट बढ़ेंगे। अभी वोडाफोन प्रति यूजर 119 रुपए, एयरटेल 162 रुपए और रिलायंस जियो 145 रुपए प्रति यूजर के हिसाब से कमाई कर रहे हैं।

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केंद्र का निर्णय, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की खैर नहीं, सोशल मीडिया पर अपराध के साथ पोस्ट होंगी फोटो

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केंद्र का निर्णय, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की खैर नहीं, सोशल मीडिया पर अपराध के साथ पोस्ट होंगी फोटो
केंद्र का निर्णय, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की खैर नहीं, सोशल मीडिया पर अपराध के साथ पोस्ट होंगी फोटो

नई दिल्ली, देशज न्यूज। केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि अब भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तस्वीरें उनके गुनाह के साथ थानों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएंगी। इसके अलावा ये प्रदर्शन सिर्फ पुलिस थानों तक ही सीमित नहीं होगा, बल्कि अधिकारी इसे सोशल मीडिया पर भी साझा करेंगे। ये निर्णय सरकार की पुलिस छवि और सार्वजनिक संपर्क की पहल के हिस्से के रूप में लिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है। निर्देश में कहा गया, भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को सोशल मीडिया पर उचित प्रचार मिलेगा; जिन घटनाओं में वे शामिल थे, उन विवरणों के साथ पुलिस थानों में भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी।

सरकार में उच्च पदस्त सूत्रों ने कहा कि ये निर्णय सिर्फ निचले स्तर के पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहेगा. भ्रष्ट वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों की तस्वीरों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

सूत्र ने कहा कि सरकार ने निर्देश दिया है कि भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को पकडऩे के लिए पुलिस बलों को अपनी आंतरिक सतर्कता इकाई को मजबूत करना होगा।

एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा कि विकट जनशक्ति की कमी, कर्तव्य की थकान और कर्तव्य से भागना पुलिसकर्मियों के बीच भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।

पहल के अनुसार, सरकार ने सभी पुलिस प्रमुखों को सोशल मीडिया कंटेंट का विश्लेषण करने और पुलिस पहुंच को बढ़ाने के लिए इन-हाउस टीम बनाने के लिए भी कहा है।

निर्देश में कहा गया है, ट्वीट्स और रीट्वीट, सोशल मीडिया पोस्ट और चचार्ओं को वर्तमान/आगामी मुद्दों के विशिष्ट संदर्भ के साथ धारणा और मनोदशा को समझने के लिए वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण किया जाता है।

निर्देश में कहा गया है कि हिंदी और अंग्रेजी के साथ स्थानीय भाषा का उपयोग सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक पहुंच के लिए, सामग्री के प्रसार के लिए किया जाए।

कहा गया कि इसके लिए छोटे वर्दीधारी पुलिस फुट गश्ती दल का इस्तेमाल किया जाए और पुलिस की छवि को सुधारने के लिए इनकी तस्वीरों और वीडियो का प्रसार किया जाए। निर्देश में आगे कहा गया है कि पुलिस की संवेदनशीलता दिखाने वाले वीडियो और तस्वीरों को व्यापक रूप से सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर साझा किया जाना चाहिए।

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