Connect with us

Delhi

सर्दियों में कोरोना का खतरा अधिक, 6 फीट की दूरी भी नहीं आएगी काम

Published

on

सर्दियों में कोरोना का खतरा अधिक, 6 फीट की दूरी भी नहीं आएगी काम
सर्दियों में कोरोना का खतरा अधिक, 6 फीट की दूरी भी नहीं आएगी काम

नई दिल्ली, देशज न्यूज। सितंबर महीने के बाद से भारत में कोरोना के मामले लगातार कम हो रहे हैं, जिसकी वजह से लोग इसे हल्के में ले रहे हैं. मगर, वैज्ञानिकों का अनुमान है, सर्दियों कोरोना फिर से कहर बरपा सकता है. वहीं, दिल्ली समेत भारत की कई जगहों पर मरीजों को दोबोरा कोरोना संक्रमण होने के मामले सामन आए हैं।

अमेरिका में हुए एक शोध का कहना है कि सर्दियों में कोरोना वायरस से बचने के लिए 6 फीट की दूसरी काफी नहीं है. कोरोना के ड्राप्लेट्स 18 फीट की दूसरी तक जा सकते हैं. यही वजह है कि सर्दियों में इसका खतरा बढ़ने की संभावना अधिक है।

लगातार विश्वसनीय, असरदार, करेंट, ब्रेकिंग दरभंगा, मधुबनी से लेकर संपूर्ण मिथिलांचल, देश से विदेशों तक लगातार खबरों के लिए हमसें यहां जुड़ें,

बता दें कि कोरोना वायरस मुंह से निकलने वाली छोटी-छोटी बूदें यानि ड्रॉपलेट्स (एरोसोल्स) के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलता है. गर्मी में ये बूंदें जल्दी वाष्पित हो जाती है लेकिन सर्दी में नमी के कारण बूंदें जल्दी वाष्पित नहीं होंगी इसलिए इसका खतरा भी ज्यादा है. सांस, छींक या खांसते समय संक्रमित इंसान के मुंह-नाक से निकले ये ड्राप्लेट्स सांस के जरिए व्यक्ति को इंफेक्ट कर सकते हैं।

कोरोना के कई तरह के स्ट्रेन है और भारत में इसके तीन स्ट्रेन मिले हैं. ऐसे में वैज्ञानिकों का कहना है कि तीनों तरह के स्ट्रेस से कोरोना की आशंका हो सकती है. डेंगू में भी ऐसा ही होता है यानि अगर किसी को एक तरह का डेंगू हुआ हो तो दूसरी बार उसे अलग तरह का डेंगू होगा।

भारत में कोरोना के कई री-इंफेक्शन के मामले सामने आए हैं, जिसके लक्षण काफी गंभीर थे. पहली बार गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, बुखार, छीकें आना जैसे लक्षण थे जबकि दूसरी बार मरीज को वेंटीलेटर की नौबत आ गई थी. वहीं, रिकवरी के बाद भी मरीजों को ठीक होने में काफी समय लग रहा है।

शोध के मुताबिक, कोरोना की गंभीरता काफी हद तक ब्लड ग्रुप पर भी निर्भर करती है. A ब्लड ग्रुप वाले कोरोना मरीजों को इसका खतरा ज्यादा है. वहीं, O ब्लड ग्रुप वाले मरीजों में कोरोना के लक्षण काफी हल्के थे।

ना बरतें लापरवाही
घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनकर रखें,
हाथ-मुंह अच्छी तरह धोएं. सर्दियों में आप इसके लिए गुनगुने पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
ठंडे और नम कमरों में सोशल डिस्टेंसिंग ज्यादा बनाकर रखें.
हाथ ना मिलाने जैसे नियमों का भी पालन करें.
दिनभर में गुनगुना पानी पीते रहें, ताकि सर्दी-जुकाम ना हो. इससे इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है,
जिससे कोरोना का खतरा भी बढ़ जाता है.
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डाइट में हैल्दी चीजें लेते रहें।

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Delhi

CoronavirusVaccine: 4 चरणों में लगेंगी वैक्सीन, पहले स्वास्थ्यकर्मी, आपका नंबर किस चरण में

Published

on

CoronavirusVaccine: 4 चरणों में लगेंगी वैक्सीन, पहले स्वास्थ्यकर्मी, आपका नंबर किस चरण में
CoronavirusVaccine: 4 चरणों में लगेंगी वैक्सीन, पहले स्वास्थ्यकर्मी, आपका नंबर किस चरण में

नई दिल्ली,: देश के कई राज्यों में कोरोना का वायरस का कहर दोबारा तेजी से बढ़ रहा है. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने दो दिन पहले कोरोना से सर्वाधिक प्रभावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की। इस बैठक में पीएम मोदी ने कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) के निर्माण और उसे आम जनमानस तक पहुंचाने पर भी विस्तार से चर्चा की।

पूरी दुनिया को इस समय बेसब्री से कोरोना वैक्सीन का इंतजार है। माना जा रहा है कि अगले तीन से चार महीने में कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कोरोना वैक्सीन के वितरण की तैयारियां शुरू करने के निर्देश भी दे दिए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहले चरण में एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। तीसरे चरण में 55 वर्ष से अधिक लोगों को मिलेगी वैक्सीन, माना जा रहा है कि पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ साथ सफाई कर्मियों और पुलिसकर्मियों को भी वैक्सीन दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार देश में कोरोना वैक्सीन का वितरण का काम कुल चार चरणों में पूरा किया जाएगा। पीएम नरेन्द्र मोदी ने राज्यों से कहा कि जिस तरह कोविड-19 महामारी से लड़ाई में प्रत्येक जान बचाने पर ध्यान दिया गया। उसी तरह यह सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जाएगी कि प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य वैज्ञानिक मापदंड पर खरा उतरा टीका उपलब्ध हो सके।

वैक्सीन वितरण के दूसरे चरण में बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं व गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों वैक्सीन दी जाएगी। तीसरे चरण में 55 वर्ष से अधिक लोगों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके बाद के चरण में सामान्य लोगों का नंबर आएगा. पीएम मोदी ने राज्यों से कहा कि कहा कि हर स्तर पर सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए मिल कर काम करना होगा कि टीकाकरण अभियान सुगमतापूर्वक, व्यवस्थित, और लगातार चलाया जा सके।

 

Continue Reading

Delhi

CycloneNivar: चक्रवाती निवार ने मचाई भारी तबाही,कई शहरों में तूफानी हवाओं के साथ बारिश

Published

on

CycloneNivar: चक्रवाती निवार ने मचाई भारी तबाही,कई शहरों में तूफानी हवाओं के साथ बारिश
CycloneNivar: चक्रवाती निवार ने मचाई भारी तबाही,कई शहरों में तूफानी हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली, देशज न्यूज। तमिलनाडु (Tamil Nadu) और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में बुधवार को तेज हवाएं चलने के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जहां के कई तटवर्ती क्षेत्रों में भीषण चक्रवात ‘निवार’ का खतरा करीब आ रहा है, जो अब तट की ओर बढ़ गया है। इस बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी होने से उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके पड़ोसी शहरों में हवा की गति धीमी होने के कारण वायु की गुणवता खराब होकर गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है।

गुरुवार तड़के मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान निवार कमजोर हो गया है और अब यह ‘बहुत भीषण चक्रवाती तूफान’ से ‘भीषण चक्रवाती तूफान’ में तब्दील हो गया है. निवार ने पुडुचेरी के नजदीक तट को पार कर लिया है। इससे पहले बुधवार को तमिलनाडु के महाबलिपुरम में चक्रवात निवार की लैंडफॉल प्रक्रिया के दौरान तेज हवाएं देखने को मिलीं. इसके अलावा, पुडुचेरी में भी तेज़ हवाएं और भारी वर्षा हुई।

 

कई इलाकों में भारी तबाही मचाने के बाद अब चक्रवाती तूफान निवार कमजोर पड़ चुका है और अब इसकी रफ्तार कुछ कम पड़ गई है. बुधवार की आधी रात बाद तमिलनाडु और पुदुचेरी में चक्रवाती तूफान निवार समुद्री तट से टकराया, जिसकी वजह से कई इलाकों में भीषण बारिश हुई और पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. अभी तक चेन्नई, महाबलीपुरम समेत कई शहरों में तेज तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने बताया कि इस तूफान की कैटेगरी अब ‘बहुत भीषण चक्रवाती तूफान’ से ‘भीषण चक्रवाती तूफान’ हो गई है और इसकी रफ्तार कम हो चुकी है।

Live Updates:

  • तमिलनाडु में भारी बारिश, चेन्नई के कई इलाकों में जलभराव
    Cyclone Nivar: 9 बजे तक बंद चेन्नई एयरपोर्ट
  • चक्रवात के प्रभाव से चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में रातभर बारिश हुई और निचले स्थानों में जलजमाव हो गया
    माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

IMD ने ट्विटर पर कही ये बात
आईएमडी ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान निवार अभी पुडुचेरी के पूर्व- दक्षिणपूर्व में लगभग 40 किमी दूर स्थित कुड्डालोर से 50 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व में है। चक्रवाती तूफान के पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगले 3 घंटों में पुडुचेरी के पास वाले तट को पार कर जाएगा।’ इससे पहले मौसम विभाग ने कहा कि निवार चक्रवाती तूफान ने बेहद विकराल रूप धारण कर लिया है और वह तमिलनाडु तथा चेन्नई के बीच तटीय क्षेत्र के पहुंचने के करीब है। इससे पहले दोनों प्रदेशों के कई हिस्सों में बुधवार को मूसलाधार बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं, जिसके मद्देनजर एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

मौसम विभाग ने कही ये बात
मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने निवार चक्रवात ने पश्चिमोत्तर की ओर बढ़ते हुए अति विकराल रूप धारण कर लिया है और चेन्नई से 160 किलोमीटर तथा पुडुच्चेरी से 85 किलोमीटर दूर तट से टकराने वाला है। विभाग ने ताजा बुलेटिन में कहा है तूफान के 25 नवंबर की मध्यरात्रि और 26 नवंबर तड़के के बीच की अवधि में तमिलनाडु और पुडुचेरी के बीच कराईकल और मामल्लापुरम तट से टकराने की आशंका है। तूफान की गति 120-130 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी जो बढ़कर 145 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।

Continue Reading

Delhi

कोरोना के बढ़े मामले तो रेलवे ने देशभर में फिर बंद किए रिटायरिंग रूम

Published

on

कोरोना के बढ़े मामले तो रेलवे ने देशभर में फिर बंद किए रिटायरिंग रूम
कोरोना के बढ़े मामले तो रेलवे ने देशभर में फिर बंद किए रिटायरिंग रूम

नई दिल्ली, देशज न्यूज। देश भर में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रही है, जिससे निपटने के लिए रेलवे ने देश भर के स्टेशनों पर यात्रियों की ठहरने की सुविधा के लिए बने रिटायरिंग रूमों को दोबारा बंद कर दिया है।

रेलवे ने मार्च में लॉकडाउन के साथ ही इन्हें बंद कर दिया था. कोरोना संक्रमण का असर कम हआ तो नवंबर 2020 के पहले सप्ताह में इन्हें चालू किया था. यात्रियों को इससे मदद मिल रही थी, क्योंकि किसी भी रेलवे स्टेशन पर रात में उतरने वाले जरूरतमंद यात्री रिटायरिंग रूमों में बुकिंग कर ठहर सकते थे. इससे उन्हें होटलों में ज्यादा शुल्क नहीं चुकाना पड़ता था।

अब फिर से मप्र, दिल्ली समेत अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए रेलवे विभाग ने रिटायरिंग रूम्स की बुकिंग बंद कर दी है. ऐसे में यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर ठहरने की सुविधा नहीं मिलेगी. यात्रियों को प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम में रात गुजार सकते हैं।

रेलवे के देश भर के लगभग सभी प्रमुख स्टेशनों पर रिटायरिंग रूम की सुविधा है. ये रूम उन्हीं यात्रियों के मिलते हैं, जिनके पास यात्रा का वैध टिकट होता है. यात्री इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर इन रूमों को बुक करा सकते हैं। वे यात्री इनका उपयोग अधिक करते हैं, जो किसी भी शहर के स्टेशन पर पहली बार आते हैं और उस शहर में संबंधित यात्रियों के कोई परिचित या रिश्तेदार नहीं रहते।

कुछ यात्री होटलों के महंगे किराए से बचने के लिए भी रिटायरिंग रूम बुक करा लेते हैं. कोरोना संक्रमण के चलते अब इन्हें दूसरी बार बंद करना पड़ा है. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि रिटायरिंग रूम्स को तभी चालू किया जाएगा, जब कोरोना संक्रमण का प्रकोप पूरी तरह खत्म हो जाए।

Continue Reading

लोकप्रिय

Copyright © 2020 Deshaj Group of Print. All Rights Reserved Tingg Technology Solution LLP.

%d bloggers like this: