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भारत ने एक दिन में कोरोना के 7,19,364 टेस्ट कर बनाया नया रिकॉर्ड

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भारत ने एक दिन में कोरोना के 7,19,364 टेस्ट कर बनाया नया रिकॉर्ड
नई दिल्ली,देशज न्यूज। देश में कोरोना की एक दिन में 7 लाख से ज्यादा जांच एक नया रिकॉर्ड बन गई है। देश में पिछले कई दिनों से लगातार 6 लाख से ज्यादा जांच की जा रही थीं। पिछले 24 घंटों में देश में कुल 7,19,364 जांच हुई हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार ज्यादा टेस्ट होने के कारण रोजोना सक्रिय मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। (7,19,364 test been done, a new record )
हालांकि, राज्यों को ट्रेकिंग, आईसोलेट और प्रभावी उपचार पर व्यापक और विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित करने की सलाह दी गई है, जिसमें केन्द्र की टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट रणनीति पर अमल करने की बात कही गई है। पिछले सप्ताह उन राज्यों के साथ कई बैठकें हुई थीं, जहां कोविड के मरीजों की मृत्यु दर अधिक थी।(7,19,364 test been done, a new record )
वहीं, देश में रविवार को एक दिन में ही सर्वाधिक मरीज ठीक हुए। कल 53,879 मरीज ठीक हुए और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। इसके साथ ही ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 14,80,884 हो गई है। जो संक्रमित मामलों (6,28,747) की तुलना में दोगुनी से ज्यादा है।(7,19,364 test been done, a new record )
स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या संक्रमित मरीजों की तुलना में 2.36 गुना बढ़ी है। स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर लगातार बढ़ रही है, यह आज 68.78 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो निम्न ग्राफ से प्रदर्शित है-स्वस्थ और संक्रमित मरीजों की संख्या के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में इलाज करा रहे और गृह पृथकवास में रह रहे कुल 8,52,137 मरीजों की तुलना में स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या अधिक है।(7,19,364 test been done, a new record )

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

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no-confidence motion: राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

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no-confidence motion: राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
no-confidence motion: राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

नई दिल्ली, देशज न्यूज। किसानों से जुड़े बिलों को लेकर हंगामा बढ़ता ही जा रहा है। जहां विपक्षी सांसदों के जोरदार हंगामे के बीच राज्‍यसभा में भी कृषि विधेयक पास हो गए हैं, वहीं अब विपक्ष ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है।

संसद का मानसून सत्र जारी रहने के बीच संसद में कृषि से जुड़े दो बिल को ध्वनि मत से राज्यसभा में पास करवाने व इन बिलों को पास करवाते वक्त विपक्ष का जोरदार हंगामा ने साबित कर दिया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। इसी के बाद अब नाराज विपक्ष के जरिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह (no-confidence motion against Harivansh) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा कि उन्हें (राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश) को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाए, उनके रवैये ने आज लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हरवंश के इस रवैये को देखते हुए हमने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया। (no-confidence motion against Harivansh)

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राज्यसभा में हरिवंश की लगातार दूसरी जीत, बने उपसभापति, विपक्ष के मनोज झा को हराया

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राज्यसभा में हरिवंश की लगातार दूसरी जीत, बने उपसभापति, विपक्ष के मनोज झा को हराया
राज्यसभा में हरिवंश की लगातार दूसरी जीत, बने उपसभापति, विपक्ष के मनोज झा को हराया

नई दिल्ली, हरिवंश नारायण सिंह लगातार दूसरी बार राज्यसभा में उपसभापति चुने गए हैं। राज्यसभा में राजग (एनडीए) के उम्मीदवार का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार मनोज झा से था। ध्वनि मत से हुए मतदान में हरिवंश ने जीत हासिल की।

 

जगत प्रकाश नड्डा ने हरिवंस को उपसभापति बनाने का प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष की ओर से गुलाम नबी आजाद ने मनोज झा के नाम का प्रस्ताव रखा। जेडीयू की तरफ से राज्यसभा सदस्य हरिवंश व आरजेडी नेता मनोज झा के बीच हुए इस मुकाबले को आगामी बिहार चुनाव से पहले दिलचस्पी से देखा जा रहा है।

हरिवंश सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। हरिवंश राजनीति में जयप्रकाश नारायण के आदर्शों से भी प्रेरित हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताब दियारा गांव में 30 जून, 1956 को जन्मे हरिवंश को जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया।

हरिवंश ने वर्ष 1990-91 के कुछ महीनों तक तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अतिरिक्त सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी काम किया। ढाई दशक से अधिक समय तक ‘प्रभात खबर के प्रधान संपादक रहे हरिवंश को नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने राज्यसभा में भेजा। उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है।

हरिवंश ने कई पुस्तकें लिखी और संपादित की हैं। इनमें ‘दिसुम मुक्तगाथा और सृजन के सपने, ‘जोहार झारखंड, ‘झारखंड अस्मिता के आयाम, ‘झारखंड सुशासन अभी भी संभावना है, ‘बिहार रास्ते की तलाश’ शामिल हैं।

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अवमानना : प्रशांत भूषण ने जमा किए जुर्माना राशि 1 रुपए, मगर फिर भी जाएंगें SC के खिलाफ

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अवमानना : प्रशांत भूषण ने जमा किए जुर्माना राशि 1 रुपए, मगर फिर भी जाएंगें SC के खिलाफ
अवमानना : प्रशांत भूषण ने जमा किए जुर्माना राशि 1 रुपए, मगर फिर भी जाएंगें SC के खिलाफ

नई दिल्ली, देशज न्यूज। सुर्खियों में रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से उन पर लगाए गए एक रुपए का जुर्माना जमा कर दिया। मगर अभी भी प्रशांत के तेवर नरम नहीं पड़े हैं।

 

उन्होंने कहा,जुर्माना अदा करने का यह मतलब नहीं, वह अदालत के फैसले को स्वीकार कर रहे हैं। भूषण ने कहा, वह आज शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ एक समीक्षा याचिका दायर करने जा रहे हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भूषण को सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की आलोचना करने वाले अपने ट्वीट के लिए आपराधिक अवमानना ​​का दोषी ठहराया। अदालत ने 31 अगस्त को सजा के रूप में एक रुपए का टोकन जुर्माना लगाया था।प्रशांत भूषण ने शनिवार को एक याचिका दायर की, जिसमें मूल आपराधिक अवमानना ​​मामलों के खिलाफ अपील का अधिकार था। याचिका में उन्होंने मांग की है कि उनकी अपील पर सुप्रीम कोर्ट की एक बड़ी और अलग बेंच द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए।

वकील कामिनी जायसवाल के माध्यम से दायर याचिका में प्रशांत भूषण ने आपराधिक अवमानना ​​मामलों में मनमाना, तामसिक व उच्च-स्तरीय निर्णय की संभावना को कम करने के लिए प्रक्रियात्मक परिवर्तन का सुझाव दिया है।

भूषण को पंद्रह सितंबर तक उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री के साथ राशि जमा करने के लिए कहा गया था, जिसमें विफल रहने पर उन्हें तीन महीने की जेल की अवधि व तीन साल के लिए कानून के व्यवहार से विचलन से गुजरना होता।

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