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Patna

2 दिन और मुंबई में रूकती बिहार पुलिस तो खुल जाता सुशांत-दिशा मर्डर का राज, जानिए कैसे

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2 दिन और मुंबई में रूकती बिहार पुलिस तो खुल जाता सुशांत-दिशा मर्डर का राज, जानिए कैसे
पटना, देशज न्यूज। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सारे साक्ष्य पटना पुलिस ने सीबीआई को सौंप दी है। लेकिन, इन साक्ष्यों को एकत्रित करने के लिए पटना पुलिस को  कई पापड़ बेलने पड़े थे क्योंकि एक तरफ मुंबई पुलिस उनके पीछे लगी थी तो दूसरी तरफ बीएमसी क्‍वारंटाइन करने के लिए पकड़ना चाहती थी।
इन सब के बीच पटना पुलिस ने  बिहारी जुगाड़ तकनीक का सहारा लेकर अपना काम पूरा किया। मुंबई गई टीम के सदस्यों ने बताया कि वॉलीवुड सर्किल में  भविष्यवक्ता बनकर    हम लोगों ने  प्रवेश किए तो रिया के घर में गार्ड के दोस्त बनकर। इसके बाद वहां से हम कई साक्ष्य लेकर  बाहर  निकल गए थे।
 भेष बदलकर मुंबई पुलिस को छकाती रही पटना पुलिस
मुंबई से पटना लौटी टीम ने शनिवार को बताया कि कैसे वहां पर  उनकी बीएमसी के साथ   लुका छिपी चलती रही। मुख्‍य आरोपित रिया चक्रवर्ती पर भी हम लोग हर पल नजर रखे हुए थे।
इस बात की सूचना  मामले की मुख्‍य आरोपित रिया चक्रवर्ती को भी थी । वह अपने लोगों से अक्सर यह पता लगाने का प्रयास करती रहती थी कि पटना पुलिस उसको गिरफ्तार तो नहीं कर रही है।  इसी डर से  रिया  ने अपना घर भी छोड़ दिया था। लेकिन, हम लोगों  ने वह फ्लैट  भी खोज निकाला था और उसको बताया भी था कि आप तो अभी बांद्रा पुलिस स्‍टेशन के पास एक फ्लैट में ही रही हैं। इसके बाद ही उसने तत्काल मुंबई के पुलिस कमिश्नर को फोन कर बात की थी ।
भविष्‍यवक्‍ता बनकर बॉलीवुड में ली एंट्री
पुलिस अधिकारी मो. यासीन ने बताया कि मुंबई पहुंचने के बाद सबसे पहले वे लोग बांद्रा पुलिस स्‍टेशन गए, लेकिन वहां उन्‍हें मुंबई पुलिस ने एफआइआर की कॉपी व मामले में दर्ज बयान देने से इनकार कर दिया। तब से लेकर अंत तक मुंबई पुलिस पूरी तरह असहयोग के मूड में रही। उसका रवैया देखकर बिहार पुलिस ने बिहारी जुगाड़ तकनीक का सहारा लिया। बिहार पुलिस की टीम ने भविष्‍यवक्‍ताओं का वेष धारण कर बॉलीवुड में एंट्री ली और वहां कई लोगों से मुलाकात कर अपने काम के बयान लिए।
पुलिस टीम में शामिल  कैसर यासीन ने बताया कि मुंबई में बिहार पुलिस का काम आसान नहीं था। मुंबई पुलिस लगातार पीछे पड़ी थी। मोबाइल नंबर ट्रेस कर परेशान कर रही थी तो हमारे पीछे अपने लोगों को छोड़कर हमारी सूचना लीक करने तक का काम किया। इसको लेकर हमलोगों ने मुंबई पुलिस को  दो बार खुला चैलेंज दिया कि मुंबई पुलिस उन्‍हें ट्रेस करे, लेकिन वह विफल रही। फिर, मामले की जांच के सिलसिले में मुंबई पहुंचे पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को कोरोना के बहाने क्‍वारंटाइन कर जांच रोकने की कोशिश की गई लेकिन बिहार पुलिस ने गोपनीय तरीके से काम जारी रखाऔर अपने काम के सारे साक्ष्य एकत्रित कर लिए।
दो दिन रुक जाते तो खुल जाता दिशा की  मौत का राज
पटना पुलिस ने दावा किया कि हम लोगों ने  दिशा की  मौत की गुत्थी भी सुलझा ली  थी । हम लोगों को उसकी  बिसरा रिपोर्ट मिलनी  बाकी थी । एक दो दिन में वह भी हम लोगों को मिल ही जाती , लेकिन इससे पहले हम लोगों को पटना वापस आने का फरमान मिल गया। पटना पुलिस ने दावा किया है कि दिशा की आत्महत्या से ही सुशांत की हत्या का मामला जुड़ा है।

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

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BiharElectionAnnounced-बिहार चुनाव 28 अक्टूबर, 3 व 7 नवंबर को, गिनती 10 नवंबर को

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BiharElectionAnnounced-बिहार चुनाव 28 अक्टूबर, 3 व 7 नवंबर को, गिनती 10 नवंबर को
BiharElectionAnnounced-बिहार चुनाव 28 अक्टूबर, 3 व 7 नवंबर को, गिनती 10 नवंबर को

नयी दिल्ली, देशज न्यूज। बिहार विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है। तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवंबर व सात नवंबर को वोट डाले जाएंगें। मतगणना दस नवंबर को होगी। चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद बिहार में चुनाव प्रचार भी तेज हो जाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बहुप्रतिक्षित बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ये चुनाव बेहद असाधारण परिस्थितियों में कराए जा रहे हैं। इन परिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकोल के संबंध में व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई हैं। उन्होंने कहा, विधानसभा की 243 सीटों के लिए चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होंगे।Bihar Assembly Election 2020 Date: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों ऐलान, 3 चरणों में डाले जाएंगे वोटतीनों चरणों की मतगणना एक ही दिन दस नवम्बर को होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण क्वारंटाइन में रहने वाले मतदाता या तो पोस्टल बैलट से मतदान कर सकते हैं या फिर वे अंतिम चरण के चुनाव के दिन अपने अपने मतदान केन्द्रों में स्वास्थ्य अधिकारियों की देख रेख में मतदान करेंगे।

चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक कोरोना में मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स के इस्तेमाल के अलावे कई बातों का राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, मतदाताओं व चुनाव से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को ध्यान में रखना होगा। पूरे चुनाव प्रकिया में सभी लोगों को मास्क का इस्तेमाल करना होगा।

उम्मीदवार को डोर टू डोर कैंपेन में सिर्फ पांच लोगों के जाने की इजाज़त होगी। उम्मीदवार अपने साथ सिर्फ अपने अलावा चार लोगों को साथ ले जा सकेगा। इसके अलावा नामांकन के दौरान उम्मीदवार को अपने साथ दो लोग व दो गाड़ियों को ले जाने की इजाज़त होगी। इसके अलावा पहली बार जमानत राशि ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई है। पब्लिक मीटिंग और रोड शो की अनुमति गृह मंत्रालय और राज्यों के कोरोना पर दिशा निर्देशों के अनुसार मिलेगी. रोड शो में 5-5 गाड़ियों के बीच में आधे घंटे का गैप होना चाहिए।

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दरभंगा के 2218 सर्विस वोटरों को मोबाइल पर मिलेगा बैलेट, पूरे सूबे में डाक का झंझट खत्म

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दरभंगा के 2218 सर्विस वोटरों को मोबाइल पर मिलेगा बैलेट, पूरे सूबे में डाक का झंझट खत्म
दरभंगा के 2218 सर्विस वोटरों को मोबाइल पर मिलेगा बैलेट, पूरे सूबे में डाक का झंझट खत्म

 दरभंगा 2218 समेत बिहार के डेढ़ लाख से अधिक सर्विस वोटरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इनके लिए चुनाव आयोग मतदान की नई व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत, इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट मैनेजमेंट सिस्टम शुरु होगी। 

पटना, देशज न्यूज। रजिस्टर्ड सर्विस वोटरों को उनका बैलेट पेपर मनचाहे स्थान पर मोबाइल एप के माध्यम से मिल जाएगा। वे वहां बैलेट प्रिंट कराएंगे। फिर मनपसंद प्रत्याशी को वोट देकर बैलेट निर्वाची पदाधिकारी को भेज सकेंगे। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र के सर्विस वोटरों को मतदान के लिए अब डाक विभाग से बैलेट मिलने का इंतजार नहीं करना होगा।

सूबे में अभी 160422 सर्विस वोटर चिह्नित हैं। इन्हें आयोग ईटीपीबीएस के तहत रजिस्टर्ड करेगा और उनका बैलेट पेपर ऑनलाइन मोबाइल के जरिए उपलब्ध कराएगा। पूर्व में सर्विस वोटरों को डाक विभाग से बैलेट मिलने में देर हो जाती थी। नाम-पते में त्रुटि से कभी कभी तो इन वोटरों को बैलेट पेपर तक नहीं मिलता था।

चुनाव आयोग के सहायक आयुक्त सक्षम कुमार ने इस संबंध में राज्य निर्वाचन विभाग से फीडबैक मांगा है। उन्होंने मोबाइल के जरिए पोस्टल बैलेट के उपयोग की प्रक्रिया तय करते हुए कहा है कि इसमें यदि किसी सुधार या संशोधन की गुंजाइश हो तो जल्द चुनाव आयोग को अवगत करायें। ताकि चुनाव से पहले इसकी प्रक्रिया दुरुस्त कर ली जाये।

सूबे में जिलावार सर्विस वोटर 
पश्चिम चंपारण 3034, पूर्वी चंपारण 4353, शिवहर 178, सीतामढ़ी 2335,मधुबनी 3356, सुपौल 1180, अररिया 885,किशनगंज 158, पूर्णिया 1091, कटिहार 1739, मधेपुरा 1210, सहरसा 1740, दरभंगा 2218, मुजफ्फरपुर 4959, गोपालगंज 2265, सीवान 7121, सारण 10768, वैशाली 6318, समस्तीपुर 3902, बेगूसराय 4086, खगड़िया 2970, भागलपुर 6241, बांका 1909, मुंगेर 5364, लखीसराय 2522, शेखपुरा 889, नालंदा 5215, पटना 12462, भोजपुर 17435, बक्सर 8634, कैमूर 2856, रोहतास 7409, अरवल 2616, जहानाबाद 4487, औरंगाबाद 3967, गया 7788 नवादा 3307 व जमुई 1455

 

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बिहार के नए डीजीपी बने एसके सिंघल, जानिए गुप्तेश्वर पांडेय का 2009 चुनाव का VRS कनेक्शन

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बिहार के नए डीजीपी बने एसके सिंघल, जानिए गुप्तेश्वर पांडेय का 2009 चुनाव का VRS कनेक्शन
बिहार के नए डीजीपी बने एसके सिंघल, जानिए गुप्तेश्वर पांडेय का 2009 चुनाव का VRS कनेक्शन

पटना, देशज न्यूज। बिहार पुलिस के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस लेने के बाद  उनकी जगह प्रदेश की कमान डीजी होमगार्ड एसके सिंघल को सौंपी गई है। श्री सिंघल प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक होंगे। इधर, गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस लेने के बाद कहा, अब मैं फ्री हो गया हूं।

भारतीय पुलिस सेवा के तेजतर्रार अधिकारी रहे गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस को नीतीश सरकार की सिफारिश पर केंद्र ने मंजूर कर लिया है। बिहार में अब सीनियर आईपीएस अधिकारी एसके सिंघल नए डीजीपी होंगे। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का वीआरएस साफ संकेत है, वो सत्तारूढ़ गठबंधन में किसी पार्टी के टिकट पर 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

बक्सर जिले से एनडीए गठबंधन में बीजेपी या जेडीयू की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों की बात या फिर राजनीति में जाने के सवाल पर चुप्पी साधते अभी सिर्फ इतना भर कहा,इसका फैसला अपने लोगों से बात करने के बाद लूंगा।

दरअसल, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मंगलवार को सेवानिवृत्ति की अवधि से पांच महीने पहले ही वीआरएस ले लिया था। इसके बाद से उनके राजनीति में आने के कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि, इस मसले पर पूर्व डीजीपी ने कहा कि मैंने इस्तीफा दे दिया है। अब मैं फ्री हो गया हूं। चुनाव लड़ने की चर्चा पर डीजीपी ने कहा कि मैं अब इस मसले पर कुछ नहीं कहा हूं। शिवसेना की जुबानी हमले पर डीजीपी ने कहा कि कोई भी कुछ भी बोलने को स्वतंत्र है।

गुप्तेश्वर पांडेय ने 2009 में भी बक्सर लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी, लेकिन टिकट मिला नहीं तो उसे वापस लेने की अर्जी दी जिसे नौ महीने बाद नीतीश कुमार सरकार ने मंजूर कर लिया था। 2009 में जब पांडेय ने वीआरएस लिया था तब वो आईजी थे, 2019 में उन्हें बिहार का डीजीपी बनाया गया था।

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