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बिहार के 1 लाख निजी विद्यालयों के संचालकों ने CM को लिखा पत्र,मांगा एक वर्ष का आर्थिक पैकेज

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बिहार के 1 लाख निजी विद्यालयों के संचालकों ने CM को लिखा पत्र,मांगा एक वर्ष का आर्थिक पैकेज
 पटना, देशज न्यूज।  प्राईवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद की अगुवाई में मंगलवार को प्रदेश के 38 ज़िलों के मुख्यालयों में एसोसिएशन के जिला अध्यक्षों ने प्रेस वार्ता करके लाकडाऊन एवं कोरोना वायरस महामारी के कारण प्राईवेट स्कूलों के सामने आई समस्याओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से एक वर्ष की विशेष आर्थिक सहायता की मांग की है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने कहा कि पूरे प्रदेश मे एसोसिएशन से जुड़े 25 हजार निजी विद्यालय के संचालक एवं शिक्षक एक लाख पत्र मुख्यमंत्री को भेजेंगे। उनको प्राईवेट स्कूलों, कर्मचारियों (CM demanding financial support for one year) और उनसे जुड़े लगभग दस लाख परिजनों के सामने उत्पन्न कठिनाईयों व परेशानियों से अवगत कराएंगे।
प्राइवेट विद्यालयों को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षण शुल्क ही एकमात्र साधन है। मार्च महीने से लॉकडाउन के कारण एवं अभिभावकों की आर्थिक स्थिति भी खराब होने से सभी विद्यालयों में शिक्षण (CM demanding financial support for one year) शुल्क का संग्रह नहीं हो पाया है, जिसके कारण शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को वेतन दे पाना और सभी के लिए जीवनयापन करना अब असंभव हो गया है। इस स्थिति में भी शिक्षकगण कड़ी मेहनत करके ऑनलाइन शिक्षा दे रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो।
शमायल अहमद ने कहा कि वेतन के अतिरिक्त हर विद्यालय के अन्य आवश्यक मासिक खर्चे भी हैं जैसे बिल्डिंग का किराया, बैंक के लोन की मासिक किस्त, मेंटेनेंस, गाड़ियों की ईएमआई, बिजली का (CM demanding financial support for one year) बिल इसके अलावा सभी टैक्स जिसमें कोई छूट नहीं दी गई है, इसके कारण प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक, शिक्षक व कर्मचारी अत्यंत मानसिक तनाव में हैं, जो बेहद जानलेवा है। अगर तुरंत विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी तो अब तक लाखों लोग बेरोजगार हो चुके हैं और आने वाले दिनों में बचे हुए लोग भी बेरोजगार हो जाएंगे।
शमायल अहमद ने विशेष आग्रह किया है कि ट्रांसपोर्ट पर लगने वाले विभिन्न प्रकार के टैक्स को माफ़ किया जाये और इएमआई पर लगने वाले ब्याज को नहीं लिया जाये। शमायल अहमद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इसे तुरंत संज्ञान में लेते हुये सरकारी स्कूलों में प्रति बच्चा प्रतिमाह खर्च के आधार पर प्रत्येक प्राइवेट स्कूलों को उसके बच्चों की संख्या (CM demanding financial support for one year) अनुसार विद्यालय अकाउंट में एक वर्ष का विशेष आर्थिक सहायता ट्रांसफर करने का प्रावधान बनाएं और पैसा तुरंत ट्रांसफर करने का कष्ट करें ताकि सभी को वेतन दिया जा सके।
सरकार की ओर से कोई दिशानिर्देश ना होने की वजह से अभिभावकों एवं विद्यालय के बीच तनाव की स्थिति उतपन्न हो रही है इस पर सरकार को अविलंब दिशा निर्देश देने की जरूरत है। (CM demanding financial support for one year) इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के महासचिव शैलेश,  इफत रहमान, विशाल सिंह,  अच्युत  सिंह, मोहम्मद अनवर मिस्टर अब्राहम अल्बर्टा उपस्थित थे।

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BiharElectionAnnounced-बिहार चुनाव 28 अक्टूबर, 3 व 7 नवंबर को, गिनती 10 नवंबर को

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BiharElectionAnnounced-बिहार चुनाव 28 अक्टूबर, 3 व 7 नवंबर को, गिनती 10 नवंबर को
BiharElectionAnnounced-बिहार चुनाव 28 अक्टूबर, 3 व 7 नवंबर को, गिनती 10 नवंबर को

नयी दिल्ली, देशज न्यूज। बिहार विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है। तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवंबर व सात नवंबर को वोट डाले जाएंगें। मतगणना दस नवंबर को होगी। चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद बिहार में चुनाव प्रचार भी तेज हो जाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बहुप्रतिक्षित बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ये चुनाव बेहद असाधारण परिस्थितियों में कराए जा रहे हैं। इन परिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकोल के संबंध में व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई हैं। उन्होंने कहा, विधानसभा की 243 सीटों के लिए चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होंगे।Bihar Assembly Election 2020 Date: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों ऐलान, 3 चरणों में डाले जाएंगे वोटतीनों चरणों की मतगणना एक ही दिन दस नवम्बर को होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण क्वारंटाइन में रहने वाले मतदाता या तो पोस्टल बैलट से मतदान कर सकते हैं या फिर वे अंतिम चरण के चुनाव के दिन अपने अपने मतदान केन्द्रों में स्वास्थ्य अधिकारियों की देख रेख में मतदान करेंगे।

चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक कोरोना में मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स के इस्तेमाल के अलावे कई बातों का राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, मतदाताओं व चुनाव से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को ध्यान में रखना होगा। पूरे चुनाव प्रकिया में सभी लोगों को मास्क का इस्तेमाल करना होगा।

उम्मीदवार को डोर टू डोर कैंपेन में सिर्फ पांच लोगों के जाने की इजाज़त होगी। उम्मीदवार अपने साथ सिर्फ अपने अलावा चार लोगों को साथ ले जा सकेगा। इसके अलावा नामांकन के दौरान उम्मीदवार को अपने साथ दो लोग व दो गाड़ियों को ले जाने की इजाज़त होगी। इसके अलावा पहली बार जमानत राशि ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई है। पब्लिक मीटिंग और रोड शो की अनुमति गृह मंत्रालय और राज्यों के कोरोना पर दिशा निर्देशों के अनुसार मिलेगी. रोड शो में 5-5 गाड़ियों के बीच में आधे घंटे का गैप होना चाहिए।

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दरभंगा के 2218 सर्विस वोटरों को मोबाइल पर मिलेगा बैलेट, पूरे सूबे में डाक का झंझट खत्म

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दरभंगा के 2218 सर्विस वोटरों को मोबाइल पर मिलेगा बैलेट, पूरे सूबे में डाक का झंझट खत्म
दरभंगा के 2218 सर्विस वोटरों को मोबाइल पर मिलेगा बैलेट, पूरे सूबे में डाक का झंझट खत्म

 दरभंगा 2218 समेत बिहार के डेढ़ लाख से अधिक सर्विस वोटरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इनके लिए चुनाव आयोग मतदान की नई व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत, इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट मैनेजमेंट सिस्टम शुरु होगी। 

पटना, देशज न्यूज। रजिस्टर्ड सर्विस वोटरों को उनका बैलेट पेपर मनचाहे स्थान पर मोबाइल एप के माध्यम से मिल जाएगा। वे वहां बैलेट प्रिंट कराएंगे। फिर मनपसंद प्रत्याशी को वोट देकर बैलेट निर्वाची पदाधिकारी को भेज सकेंगे। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र के सर्विस वोटरों को मतदान के लिए अब डाक विभाग से बैलेट मिलने का इंतजार नहीं करना होगा।

सूबे में अभी 160422 सर्विस वोटर चिह्नित हैं। इन्हें आयोग ईटीपीबीएस के तहत रजिस्टर्ड करेगा और उनका बैलेट पेपर ऑनलाइन मोबाइल के जरिए उपलब्ध कराएगा। पूर्व में सर्विस वोटरों को डाक विभाग से बैलेट मिलने में देर हो जाती थी। नाम-पते में त्रुटि से कभी कभी तो इन वोटरों को बैलेट पेपर तक नहीं मिलता था।

चुनाव आयोग के सहायक आयुक्त सक्षम कुमार ने इस संबंध में राज्य निर्वाचन विभाग से फीडबैक मांगा है। उन्होंने मोबाइल के जरिए पोस्टल बैलेट के उपयोग की प्रक्रिया तय करते हुए कहा है कि इसमें यदि किसी सुधार या संशोधन की गुंजाइश हो तो जल्द चुनाव आयोग को अवगत करायें। ताकि चुनाव से पहले इसकी प्रक्रिया दुरुस्त कर ली जाये।

सूबे में जिलावार सर्विस वोटर 
पश्चिम चंपारण 3034, पूर्वी चंपारण 4353, शिवहर 178, सीतामढ़ी 2335,मधुबनी 3356, सुपौल 1180, अररिया 885,किशनगंज 158, पूर्णिया 1091, कटिहार 1739, मधेपुरा 1210, सहरसा 1740, दरभंगा 2218, मुजफ्फरपुर 4959, गोपालगंज 2265, सीवान 7121, सारण 10768, वैशाली 6318, समस्तीपुर 3902, बेगूसराय 4086, खगड़िया 2970, भागलपुर 6241, बांका 1909, मुंगेर 5364, लखीसराय 2522, शेखपुरा 889, नालंदा 5215, पटना 12462, भोजपुर 17435, बक्सर 8634, कैमूर 2856, रोहतास 7409, अरवल 2616, जहानाबाद 4487, औरंगाबाद 3967, गया 7788 नवादा 3307 व जमुई 1455

 

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बिहार के नए डीजीपी बने एसके सिंघल, जानिए गुप्तेश्वर पांडेय का 2009 चुनाव का VRS कनेक्शन

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बिहार के नए डीजीपी बने एसके सिंघल, जानिए गुप्तेश्वर पांडेय का 2009 चुनाव का VRS कनेक्शन
बिहार के नए डीजीपी बने एसके सिंघल, जानिए गुप्तेश्वर पांडेय का 2009 चुनाव का VRS कनेक्शन

पटना, देशज न्यूज। बिहार पुलिस के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस लेने के बाद  उनकी जगह प्रदेश की कमान डीजी होमगार्ड एसके सिंघल को सौंपी गई है। श्री सिंघल प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक होंगे। इधर, गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस लेने के बाद कहा, अब मैं फ्री हो गया हूं।

भारतीय पुलिस सेवा के तेजतर्रार अधिकारी रहे गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस को नीतीश सरकार की सिफारिश पर केंद्र ने मंजूर कर लिया है। बिहार में अब सीनियर आईपीएस अधिकारी एसके सिंघल नए डीजीपी होंगे। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का वीआरएस साफ संकेत है, वो सत्तारूढ़ गठबंधन में किसी पार्टी के टिकट पर 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

बक्सर जिले से एनडीए गठबंधन में बीजेपी या जेडीयू की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों की बात या फिर राजनीति में जाने के सवाल पर चुप्पी साधते अभी सिर्फ इतना भर कहा,इसका फैसला अपने लोगों से बात करने के बाद लूंगा।

दरअसल, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मंगलवार को सेवानिवृत्ति की अवधि से पांच महीने पहले ही वीआरएस ले लिया था। इसके बाद से उनके राजनीति में आने के कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि, इस मसले पर पूर्व डीजीपी ने कहा कि मैंने इस्तीफा दे दिया है। अब मैं फ्री हो गया हूं। चुनाव लड़ने की चर्चा पर डीजीपी ने कहा कि मैं अब इस मसले पर कुछ नहीं कहा हूं। शिवसेना की जुबानी हमले पर डीजीपी ने कहा कि कोई भी कुछ भी बोलने को स्वतंत्र है।

गुप्तेश्वर पांडेय ने 2009 में भी बक्सर लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी, लेकिन टिकट मिला नहीं तो उसे वापस लेने की अर्जी दी जिसे नौ महीने बाद नीतीश कुमार सरकार ने मंजूर कर लिया था। 2009 में जब पांडेय ने वीआरएस लिया था तब वो आईजी थे, 2019 में उन्हें बिहार का डीजीपी बनाया गया था।

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