पटना,देशज न्यूज। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने रविवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाया. सुशील मोदी ने एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा- लालू यादव ने मुझे मारने के लिए 3 साल पहले तांत्रिक अनुष्ठान करवाया था। उन्हें जनता पर भरोसा नहीं है। यही वजह है कि तंत्र मंत्र और प्रेत साधना कराते हैं।

कोरोना पॉजिटिव सुशील मोदी अभी पटना एम्स में अपना इलाज करवा रहे हैं। उनके इस आरोप पर तेजस्वी यादव ने कहा कि ऐसे अजीब बयान पर मैं क्या बोलूं. सुशील मोदी से ऐसी उम्मीद नहीं थी. तेजस्वी ने कहा- सुशील मोदी को बेरोजगारी पर बोलना था. इंडस्ट्री, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा पर बोलना चाहिए था. 15 साल के दौरान क्या किया, ये बताना चाहिए था. ऐसे मौके पर ऐसे अंधविश्वासी बयान अजीब हैं।

चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव पर सुशील मोदी ने कहा- लालू खुद को बचाने के लिए तंत्र-मंत्र और पशुबलि कराते रहे. इसके बावजूद वे न जेल जाने से बचे, न ही सत्ता बचा पाए. प्रेत साधना भी उनको 14 साल की जेल से बचा नहीं सकी. लालू विधानसभा चुनाव के पहले रांची के केली बंगले में जेल मैन्युअल की धज्जी उड़ाते हुए नवमी के दिन तीन बकरों की बलि देने वाले हैं. उन्हें आभास हो चुका है कि हाशिये पर पड़े कुछ दलों से गठबंधन और सिर्फ वादों से पार्टी की नैया पार नहीं लगा सकते।

डिप्टी सीएम ने कहा कि लालू इतने अंधविश्वासी हैं कि उन्होंने न केवल तांत्रिक के कहने पर सफेद कुर्ता पहनना छोड़ा, बल्कि तांत्रिक शंकर चरण त्रिपाठी को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया। उसी तांत्रिक ने विंध्याचल धाम ( मिर्जापुर) में लालू प्रसाद से तांत्रिक पूजा कराई थी।

सुशील मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर कुछ अखबारों की कटिंग शेयर की है. इसमें उन्होंने लालू और उनके अंधविश्वास से जुड़े किस्से शेयर किए हैं. कुछ अखबारों को दिए इंटरव्यू में सुशील मोदी ने कहा- 2009 में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने तारेगना पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब ग्रहण के समय बिस्कुट खा लिया, तब अंधविश्वासी लालू प्रसाद ने कहा था कि इससे अकाल पड़ेगा, जबकि बिहार में एनडीए शासन के दौरान कृषि पैदावार बढ़ी. 2005 में जब जनता ने लालू-राबड़ी के कुशासन को खारिज कर दिया, तब लालू प्रसाद ने मुख्यमंत्री आवास छोडऩे में डेढ़ महीने लगा दिये थे. बाद में कहा कि वे आवास की दीवार में ऐसी तंत्रसिद्ध पुडिय़ा रख आए हैं कि अब कोई वहां नहीं टिक पाएगा. लेकिन, उसी आवास में रहते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 साल से बिहार की सेवा कर रहे हैं।

26 मई, 2014 को नरेंद्र मोदी ने जब प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब लालू प्रसाद ने शपथ ग्रहण के मुहूर्त गोधूलि बेला को अशुभ बता दिया और कहा कि सरकार पांच साल नहीं चलेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने 5 साल सरकार चलाई।