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#khagariya में किताब विक्रेता को बस ने कुचला, मौत, लाश के साथ परिजनों का NH पर हंगामा

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#khagariya में किताब विक्रेता को बस ने कुचला, मौत, लाश के साथ परिजनों का NH पर हंगामा
#khagariya में किताब विक्रेता को बस ने कुचला, मौत, लाश के साथ परिजनों का NH पर हंगामा

खगड़िया, देशज न्यूज।  मानसी थाना  के राजदरबार होटल के पास दर्दनाक सड़क हादसे में यात्री बस ने एक साइकिल सवार किताब विक्रेता को रौंद दिया है। किताब विक्रेता सुभाष मिश्र की मौके पर मौत हो गई। इससे आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,सुभाष किताब बेचकर साइकिल से राष्ट्रीय मार्ग -31 के रास्ते अपने गांव धर्मपुर बन्नी जा रहे थे। इसी दौरान खगड़िया की ओर से आ रही बस ने उन्हें कुचल दिया। घटना के आक्रोशित परिजनों ने लाश को सड़क पर रखकर NH-31 को जाम कर दिया है।

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मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं। रोड जाम होने से खगड़िया-मानसी राष्ट्रीय मार्ग बाधित हो गया है। मानसी थाना पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है, लेकिन बस चालक फरार है।मौके पर मानसी अंचल के सीओ और थानाध्यक्ष पहुंचकर आक्रोशितों को समझाने में जुटे  हैं। खबर लिखे जाने तक वार्ता चल ही रही थी।

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

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खजौली, झंझारपुर, हरलाखी विस में 15 से अधिक उम्मीदवार, मतदाता करेंगे 2 ईवीएम का उपयोग

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खजौली, झंझारपुर, हरलाखी विस में 15 से अधिक उम्मीदवार, मतदाता करेंगे 2 ईवीएम का उपयोग
खजौली, झंझारपुर, हरलाखी विस में 15 से अधिक उम्मीदवार, मतदाता करेंगे 2 ईवीएम का उपयोग

मधुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो। बिहार विधानसभा के द्वितीय एवं तृतीय चरण में जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले चुनाव में तीन विधानसभा क्षेत्रों में दो ईवीएम का प्रयोग मतदान के दौरान होगा। क्योंकि इन तीन विधानसभा क्षेत्र में 15 से अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

31 हरलाखी विधानसभा क्षेत्र में 17 प्रत्याशी,35 खजौली विधान सभा क्षेत्र में 22 प्रत्याशी व 38 झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र में 18 प्रत्याशी चुनाव में खड़े हैं। एक ईवीएम मशीन में 15 बटन प्रत्याशियों के होते हैं। 16 वां बटन नोटा के पक्ष में होता है। तो 15 से अधिक प्रत्याशी जिन विधानसभा क्षेत्रों में खड़े होते हैं।

वहां दो ईवीएम का प्रयोग मतदान के दौरान करना पड़ता है। जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ निलेश रामचंद्र देवरे ने बताया कि जिले के झंझारपुर,खजौली एवं हरलाखी विधानसभा क्षेत्रों में 15 प्रत्याशी से अधिक प्रत्याशी चुनाव में खड़े हैं। इस प्रकार इन विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो ईवीएम का प्रयोग मतदान के दिन किया जाएगा।

वही तीन ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं। जहां 15 प्रत्याशी चुनाव में हैं। इनमें फुलपरास लौकहा एवं बेनीपट्टी विधानसभा क्षेत्र शामिल है। बाहुबरही एवं बिस्फी विधानसभा क्षेत्र में 13-13 प्रत्याशी चुनाव में खड़े हैं। मधुबनी विधानसभा क्षेत्र में 12 एवं राजनगर विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

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दरभंगा के युवक नशे में बाइक चलाते बिस्फी में पत्थर से टकराए,बेहोशी की हालत उठा ले गई पुलिस

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दरभंगा के युवक नशे में बाइक चलाते बिस्फी में पत्थर से टकराए,बेहोशी की हालत उठा ले गई पुलिस
दरभंगा के युवक नशे में बाइक चलाते बिस्फी में पत्थर से टकराए,बेहोशी की हालत उठा ले गई पुलिस

बिस्फी, देशज टाइम्स मधुबनी ब्यूरो। प्रखंड क्षेत्र के रघौली गांव के पास बिस्फी थाना की सघन संध्या गश्ती के दौरान दरभंगा के राजीव कुमार साह को बिस्फी थाना ने शराब पीकर नशे की हालत बाइक चलाने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

राजीव शराब की नशे में  गाड़ी चलाकर जा रहे थे। इसी क्रम में रघौली लचका पुल के पास बाइक का संतुलन बिगड़ने के कारण बाइक एक पत्थर पर जा टकराई जिससे बेहोश हो गए।

वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया वह बुरी तरह से गंभीर रूप से घायल थें। बिस्फी थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि बिस्फी थाना की संध्या गश्ती के दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, राजेश को पुलिस ने हॉस्पिटल इलाज के लिए लाई,जहां चिकित्सक ने शराब पीने की पुष्टि की हैं। शराबी पर मद्य निषेध कानून के तहत बिस्फी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

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मधुबनी खादी आयोग में निजी खादी एजेंसी का कब्जा, सरकार ने झाड़ा पल्लू, हजारों लोग हाशिए पर

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मधुबनी खादी आयोग में निजी खादी एजेंसी का कब्जा, सरकार ने झाड़ा पल्लू, हजारों लोग हाशिए पर

मुख्य बातें
मिथिला के गांवों की अर्थिक समृद्धि के लिए खादी को नहीं मिला सपोर्ट, सरकारी संस्थाओं की मदद से सरकार ने किया किनारा,निजी खादी एजेंसी को मिल रहा प्रोत्साहन,सरकारी संस्थाएं उपेक्षित, निजी एजेंसी व्यक्तिगत होने के कारण कर्मी व अधिकारी से करते डील,मधुबनी खादी का हजारों परिवार को मिल रहा था फायदा

 

मधुबनी/ब्यूरो। मिथिलांचल के गांवों की आर्थिक समृद्धि में कभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला खादी उपेक्षित हाल में है। लगभग हर घर में चलने वाले चरखे की आवाज अब बंद होती जा रही है। गांव की गरीब घरों में आजीविका के मुख्य साधन चरखा और करघा को खूटे से टांग दिया गया है। जिले की हालत को देखे तो यहां के लाखों लोग इस खादी और इसके सहयोगी कारोबार बुनकर से जुड़े रहे हैं।

 

पर आज गांव के गरीबों की आर्थिक समृद्धि का यह साधन दम तोड़ता जा रहा है। इतना ही नहीं मधुबनी की खादी गुणवत्ता के मामले में भी विश्व स्तर पर प्रसिद्ध रहा है। इतने महत्वपूर्ण होने के बावजूद इसकी उपेक्षा होती रही है। इसे सशक्त करने के लिए कदम उठाने की बजाए इसे खत्म करने की हर संभव कोशिश लगातार होती रही है।

वहीं निजी स्तर पर पंजीकृत खादी संस्थाओं को लगातार प्रोत्साहित किया गया। जानकारी के अनुसार इन संस्थाओं ने खादी पर मिलने वाले छुट का जबर्दस्त बंदरबांट किया। पॉकेट की इन संस्थाओं ने अधिकारियों और कर्मियों के साथ मिलकर इस छुट की राशि का बंदरबांट किया। इस स्तर पर यह आसानी से होता रहा।

क्योंकि बिना खादी के निर्माण के केवल कागज पर निर्माण और बिक्री आसानी से दिखा दिया गया। मामला सामने आने पर छुट के तरीके में बदलाव किया गया है। लेकिन इसका भी लाभ लेने में यह संस्थाएं ही आगे है।

क्योंकि यह संस्थाएं कमीशन का काम आसानी से करने में सफल हो रहा है। सरकारी संस्थाओं को हर कार्यो के लिए हिसाब देना होता है और इन निजी संस्थाओं से हिसाब पूछने वाला कोई नहीं। इस हालत के कारण इन निजी संस्थाओं को ही प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है।

खादी की अधिक होती है कीमत-

खादी के काम में श्रम लगता है। इसकारण इसका लागत अधिक आता है। सरकारी स्तर पर इस खादी को बढ़ावा देने की नीति जरूर बनी पर इसे लागू कहीं भी नहीं किया गया। अस्पताल, रेलवे, सरकारी कार्यालय और अन्य स्थानों पर खादी के प्रयोग किये जाने का दिया गया आदेश रद्दी की टोकरी में डाल दिया जा रहा है।

अब तो हालत यह है कि जो नेताओं की फौज बापू व गांधी को भुनाने मंे सबसे आगे रहते हैं, उनके भी दिल में उनकी नीति की खादी कहीं नहीं है। उनके घर व उनके शरीर पर यह खादी नदारद हो चुका है। एकबार फिर से पीएम के द्वारा लोकल के लिए वोकल बने के नारे से उम्मीद जगी पर यह साकार कब होगा कहना मुश्किल है।

क्योंकि मधुबनी खादी ग्रामोद्योग मंें लगभग बीस हजार खादी कपड़े से मास्क का निर्माण किया गया। लेकिन पंचायत,नगर निकाय व अन्य सरकारी कार्यो में इसकी पूछ नहीं हुई। क्योंकि यहां इन संस्थाओं को कमीशन की गंुजाइश नहीं होती।

क्या कहते हैं अधिकारी-

मधुबनी जिला खादी ग्रामोद्योग संघ के जिला मंत्री सरला देवी ने बताया कि विभिन्न स्तरों पर इसके लिए काम किये जा रहे हैं। शीघ्र ही यहां नये कार्यो को शुरू किया जायेगा। ताकि गांधी के उद्देश्य को पूरा करने में सफल हो सके। हां यह जरूरी है कि इसके लिए प्रशासनिक सहयोग मिले।

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