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Bihar

मुंगेर में बीते वर्ष दुर्गा पूजा के प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस फायरिंग की जांच में बिहार सरकार की लापरवाही से नाराज पटना हाईकोर्ट का आया बड़ा फैसला, अब हाईकोर्ट की निगरानी में पुलिस फायरिंग मामले की जांच करेगी सीआईडी

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पटना। बिहार के मुंगेर में बीते वर्ष दुर्गा पूजा के प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस फायरिंग की जांच में बिहार सरकार की लापरवाही से नाराज पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इस केस की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) करेगी और उसकी निगरानी हाईकोर्ट खुद करेगा। हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के रवैये पर भी कड़ी टिप्पणी की।

 

 

 

इसके साथ हाईकोर्ट ने मुंगेर के मौजूदा पुलिस अधीक्षक, कोतवाली थानेदार के साथ गोलीकांड से जुड़े तमाम पुलिस अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुंगेर की पूर्व एसपी लिपि सिंह की मुसीबत बढ़ सकती है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की बेटी लिपि सिंह के एसपी रहते ही मुंगेर गोलीकांड हुआ था।

 

 

 

हाईकोर्ट ने सरकार लगायी  फटकार

पटना हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जमकर फटकार लगायी। कोर्ट ने कहा कि जांच का दिखावा किया जा रहा है। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस केस की जांच अब सीआईडी के अधिकारी करेंगे। इसके लिए आठ सदस्यों वाली एक एसआईटी बनाई गई है।

 

 

सीआईडी के डीएसपी प्रमोद कुमार राय टीम का नेतृत्व करेंगे लेकिन पूरी जांच अब हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में होगी। सीआईडी की टीम को एक महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने को भी कहा गया है। अमरनाथ पोद्दार के वकील मानस प्रसाद ने बताया कि एडवोकेट जनरल के माध्यम से सीआईडी ने अपनी तरफ से 54 प्वाइंट कोर्ट को बताए हैं, जिन पर वह अपनी जांच करेगी।

 

 

 

मृतक के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा

अमरनाथ पोद्दार के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह पाया कि गोलीकांड में अनुराग की कोई संलिप्तता नहीं थी लेकिन पुलिस की गोली से उसकी मौत हुई। कोर्ट ने अनुराग के परिजनों को तत्काल 10 लाख रुपये मुआवजा देने को कहा है। हालांकि, अनुराग के पिता ने पांच करोड़ रुपये मुआवजा मांगा था और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया था।

 

 

 

इस पर कोर्ट ने कहा कि फिलहाल सीआईडी से ही जांच करायी जायेगी। सीआईडी की रिपोर्ट देखने के बाद कोई फैसला किया जायेगा। कोर्ट ने अनुराग पोद्दार के पिता को कहा कि अगर उन्हें जांच के दौरान किसी तरह की कोई जानकारी मिलती है तो वे कोर्ट को इसकी सूचना दे सकते हैं।

 

 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है सुनवाई

इस मामले में अनुराग के पिता ने 6 जनवरी को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने तत्काल सुनवाई की गुहार लगायी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद अनुराग की मां ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। 25 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट को कहा था कि वह दो महीने में सुनवाई पूरी करे।

 

 

 

इसके बाद पटना हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई शुरू की। वकील मानस प्रकाश ने बताया कि जैसे ही पटना हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई वैसे ही सरकार ने इस मामले को सीआईडी को सौंपने की जानकारी दे दी। सरकार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है लेकिन कोर्ट उससे संतुष्ट नहीं हुआ।

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