Connect with us

Darbhanga

डॉ.एनके अग्रवाल ने कहा,आपदा में ही नहीं, सामान्य जनजीवन में भी प्रकृति की रक्षा का लें संकल्प

Published

on

डॉ.एनके अग्रवाल ने कहा,आपदा में ही नहीं, सामान्य जनजीवन में भी प्रकृति की रक्षा का लें संकल्प

दरभंगा,देशज टाइम्स ब्यूरो। जल, वायु, भूमि तीनों से संबंधित कारक तथा मानव,पौधा, सूक्ष्मजीव व अन्य जीवित पदार्थ आदि पर्यावरण के तहत आते हैं। जीवन की रक्षा के लिए इनका संरक्षण अतिआवश्यक है। इसके असंतुलन का प्रभाव हमसभी देख रहे हैं। इसे बचाकर ही सफल जीवन की कामना की जा सकती है। यह बात शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस व कबीर जयंती के अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर गणित विभाग के विभागाध्यक्ष सह लोक सूचना पदाधिकारी व इंटेक, दरभंगा चैप्टर के संयोजक प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल ने कही।

विश्व पर्यावरण दिवस , पर्यावरण के लिए दुनिया भर में जागरूकता व कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से मनाया जाता है। 1974 से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों के पर्यावरणीय आयामों पर प्रगति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ, प्रत्येक वर्ष 150 से अधिक देश भाग लेते हैं।

लगातार विश्वसनीय, असरदार, करेंट, ब्रेकिंग दरभंगा, मधुबनी से लेकर संपूर्ण मिथिलांचल, देश से विदेशों तक लगातार खबरों के लिए हमसें यहां जुड़ें,

प्रो.अग्रवाल ने कहा, दुनिया भर के प्रमुख निगमों, गैर-सरकारी संगठनों, समुदायों, सरकारों और मशहूर हस्तियों ने विश्व पर्यावरण दिवस ब्रांड को चैंपियन पर्यावरणीय कारणों के लिए अपनाया है। पर्यावरण की समस्या के समाधान के लिए 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने स्टॉकहोम में पर्यावरण सम्मेलन कर पहली बार पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक विचार किया गया।

इसमें 119 देशों ने भाग लिया। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का जन्म हुआ। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 19 नवंबर,1986 को लागू किया गया। इसमें पर्यावरण प्रदूषण के निवारण, नियंत्रण व इसके गुणवत्ता के मानक निर्धारित किए गए।
डॉ.एनके अग्रवाल ने कहा,आपदा में ही नहीं, सामान्य जनजीवन में भी प्रकृति की रक्षा का लें संकल्पकोरोना वायरस महामारी व उसके परिणामस्वरूप तालाबंदी से पर्यावरण को थोड़ा फायदा हुआ। लेकिन कोरोना वायरस से मनुष्य को जितना नुकसान हुआ उसकी भी परिकल्पना नही की जा सकती। यह आवश्यक है, हम अपने सामान्य जनजीवन में भी प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें, न कि किसी वैश्विक महामारी के कारण प्रकृति के थोड़ा संतुलित होने से ज्यादा उत्साहित हो।

कहा, जबतक हम अपनी आदतों में सुधार नही लाएंगे तबतक हम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सफल नही होंगे। अन्य बातों के अलावा, यह मानवीय गतिविधियों की निरंतर चंचलता के अभाव में खुद को थोड़ा सांस लेने और साफ करने के लिए हो रहा है। जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो पानी हम पीते हैं, सूर्य की किरणें जो हम तक पहुंचती हैं, और जो भोजन हम प्रतिदिन ग्रहण करते हैं, वे सभी पर्यावरण से उपहार हैं व इस तरह, यह महत्वपूर्ण है कि उनका सम्मान किया जाए, उनके मूल्यों को समझा जाए।

उन्होंने कहा, विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है, ताकि लोगों को प्रकृति को याद न करने के लिए याद दिलाया जा सके, और संकेतों को पढ़ने, उन्हें समझने और तदनुसार कार्य करने के लिये बताया जा सके। यह लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से चलाए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक कार्यक्रमों में से एक है।

प्रो.अग्रवाल ने कहा, विश्व पर्यावरण दिवस 2020 की थीम सेलिब्रेट बायोडायवर्सिटी है, और इसे जर्मनी के साथ साझेदारी में कोलंबिया में आयोजित किया जाना था। विषय अत्यंत प्रासंगिक है क्योंकि मानव पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है और अलगाव में जीवित नहीं रह सकता है। सभी जीवित चीजों को बड़े और छोटे, भूमि पर, या पानी में जीवित रहने के लिए जैव विविधता महत्वपूर्ण है।

कहा, हमें यह समझने की आवश्यकता है, जहां एक खाद्य श्रृंखला और प्रजातियों की रैंकिंग हो सकती है, प्रत्येक जीवित वस्तु किसी अन्य जीवित वस्तु से जुड़ी होती है, और साथ में यह ग्रह पर विविध जीवन रूपों का एक नेटवर्क बनाती है। पिछले वर्ष का विषय था ‘ वायु प्रदूषण ‘। आप 5 जून को अपना काम दूसरे लोगों को शिक्षित करके और कुछ जीवनशैली में बदलाव लाकर भी कर सकते हैं, ताकि पर्यावरण पर कम बोझ डाला जा सके।
एक पेड़ लगाने के साथ उसको बचाने का संकल्प लें :कर्नल निशीथ कुमार राय 
विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय ने कहा, प्रत्येक व्यक्ति केवल एक पेड़ लगाने के साथ उसको बचाने का संकल्प लें तो ये अभियान सही मायनों में उपयोगी होगा। सभी छात्रों से एक पेड़ लगाकर उसका देखभाल करने की बात कही।

प्रकृति का निरंतर दोहन, पर्यावरण की अनदेखी का ही नतीजा
यूनेस्को क्लब, दरभंगा के अध्यक्ष  विनोद कुमार पंसारी ने कहा, प्रकृति का निरंतर दोहन, पर्यावरण की अनदेखी का ही नतीजा है कि आज प्रकृति अपना रौद्र रूप हमें दिखला रही है, जिन समस्याओं की हमनें कल्पना नही की थी वह सब कुछ प्रकृति हमें दिखला रही है। मौसम भी अपने निश्चित समय से विमुख होते जा रहे हैं। पानी की समस्या से हमें दो चार होना पड़ रहा है।

कहा, निश्चित रूप से सरकारों का ध्यान इस ओर आकृष्ट हुआ है ,काफी कुछ प्रयास भी हो रहे हैं ।जल स्रोतों से लेकर पर्यावरण की रक्षा के लिए पेड़ पौधे लगाए जा रहा है किंतु अभी भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है, आमजन को इस अभियान में जोड़ना नितांत आवश्यक है| गांव देहात से लेकर शहर में अभी भी बहुत से स्थान सूने पड़े हैं चाहे वह बड़े-बड़े सरकारी दफ्तर हो या कॉलेज/ स्कूल के प्रांगण हो, पूर्व में कॉलेजों के अंदर स्विमिंग पुल व पर्यावरण पर विशेष ध्यान दिया जाता था किंतु कालांतर में स्विमिंग पूल की उपयोगिता खत्म हो गई।

कहा, हमें पुनः गुरुजी की पुरानी पाठशालाओं की ओर लौटना पड़ेगा जिसमें पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधारोपण की भी एक कक्षा हुआ करती थी, आज पुनः हमें बच्चों को प्रेरित कर पेड़ पौधा लगाने के लिए उन्हें जागरूक करना पड़ेगा तभी हम पर्यावरण की रक्षा कर सकेंगे | महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ.शिव कुमार मिश्र ने कहा, पर्यावरण की रक्षा के लिए पेड़ों को लगाना एवं उसे बचाना आवश्यक है ,उसी प्रकार नदियों, पोखरों की रक्षा करना आवश्यक है।

पर्यावरण संरक्षण किया जाना भविष्य के लिए अतिआवश्यक :प्रो. जे एल चौधरी
स्नातकोत्तर गणित विभाग के शिक्षक प्रो. जे एल चौधरी ने कहा, पर्यावरण संरक्षण किया जाना भविष्य के लिए अतिआवश्यक है। उन्होंने कबीर जयंती के अवसर पर कहा कि अशिक्षित होकर भी हिन्दू मुस्लिम एकता की एक मिसाल कायम की। कई भाषा के विद्वान कबीर वाणी सामयिक है।
पेड़ लगाने के साथ, साइकिल का प्रयोग करें
विभाग के शिक्षक डॉ. अभिमन्यु कुमार ने कहा, प्रदूषण को कम कर हमसभी इस दिशा में अच्छा कार्य कर सकते हैं। विभाग के ही शिक्षक विपुल स्नेही ने कहा कि सभी पेड़ लगाने के साथ, साइकिल का प्रयोग करें, जिससे सही मायनों में इसे जीवन मे उतारा जा सके।

विभाग के शोध छात्र सह असिस्टेंट प्रो. अभिषेक कुमार, रजत शुभ्रा दास ने भी कहा, प्रकृति के अत्यधिक दोहन से प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखला रही है। अभी भी समय हम सचेत हो जाए।
दीपक ने कहा, हो सालों भर देखभाल
विभाग के छात्र दीपक झा ने कहा, सरकार प्रयेक वर्ष इस अवसर पर पेड़ लगवाती है फिर निगरानी नही करती की पेड़ जिंदा है या नहीं। ये अभियान सालोंभर चलना चाहिए। विभाग के छात्रों में ऋषभ चौहान, रविराज कुमार, गौरीशंकर, गोपाल, निशा भारती, अंजलि ठाकुर ने भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन विपुल स्नेही ने किया।

145 साल पुराने दरभंगा से पहली बार खबरों का गरम भांप ...असंभव से आगे देशज टाइम्स हिंदी दैनिक। वेब पेज का संपूर्ण अखबार। दरभंगा खासकर मिथिलाक्षेत्रे, हमार प्रदेश, सारा जहां की ताजा खबरें। रोजाना नए कलेवर में। फिल्म-नौटंकी के साथ सरजमीं को समेटे। सिर्फ देशज टाइम्स में, पढि़ए, जाग जाइए।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Darbhanga

दरभंगा में धान अधिप्राप्ति के लिए 167 पैक्स, चार व्यापार मंडल का चयन, 48 घंटों में होगा भुगतान

Published

on

दरभंगा में धान अधिप्राप्ति के लिए 167 पैक्स, चार व्यापार मंडल का चयन, 48 घंटों में होगा भुगतान
दरभंगा में धान अधिप्राप्ति के लिए 167 पैक्स, चार व्यापार मंडल का चयन, 48 घंटों में होगा भुगतान

दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में धान अधिप्राप्ति को लेकर बैठक की गई। बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी मो. अमजद हयात बर्क ने बताया, धान अधिप्राप्ति के लिए 167 पैक्स एवं चार व्यापार मंडल का चयन किया गया है, जिनके द्वारा धान अधिप्राप्ति की जाएगी।

जिलाधिकारी ने राइस मिलों का पंजीकरण 10 दिसंबर तक करवाने एवं संबंधित डीसीएलआर से उसका भौतिक सत्यापन करा लेने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया, 4 सरकारी सीएमआर गोदाम है, सहायक एजीएम की नियुक्ति मुख्यालय स्तर से की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण जिला कृषि पदाधिकारी के स्तर से किया जाएगा। दरभंगा में धान अधिप्राप्ति के लिए 167 पैक्स, चार व्यापार मंडल का चयन, 48 घंटों में होगा भुगतानउन्होंने किसानों के पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए और उनके लिए कॉमन सर्विस सेंटर की मदद लेने और अपने कार्यालय के ऑपरेटर को सक्रिय करने को कहा। उन्होंने कहा कि धान अधिप्राप्ति के लिए जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारी अपर समाहर्ता रहेंगे तथा प्रत्येक प्रखंड के लिए प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी नोडल पदाधिकारी रहेंगे।

पैक्स /व्यापार मंडल का भौतिक सत्यापन संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा प्रत्येक सप्ताह में किया जाएगा तथा वे विहित प्रपत्र में जांच प्रतिवेदन दो स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधि से प्रति हस्ताक्षर करवाकर जिला को उपलब्ध करवाएंगे। संबंधित बीसीओ इसकी फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी उपलब्ध कराएंगे।दरभंगा में धान अधिप्राप्ति के लिए 167 पैक्स, चार व्यापार मंडल का चयन, 48 घंटों में होगा भुगतान

उन्होंने कहा कि सभी एसडीओ प्रत्येक सप्ताह अपने-अपने क्षेत्र के कम से कम 5 पैक्स गोदाम एवं सीएमआर गोदाम की जांच करेंगे, इसके साथ ही सभी पंजीकृत राइस मिल का भौतिक सत्यापन करेंगे और अपना प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि धन प्रदान करनेवाले किसानों को राशि उपलब्ध होते ही 48 घंटों के अंदर भुगतान होना चाहिए, पैक्स को भुगतान ससमय हो यह जिला सहकारिता पदाधिकारी सुनिश्चित कराएंगे।

जानकारी के अनुसार, धान की अधिप्राप्ति अविलंब प्रारंभ करना है। सामान्य धान की कीमत 1865 रुपए प्रति क्विंटल (17 प्रतिशत मॉइश्चर से कम रहने) पर की जाएगी। इसके लिए युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला कृषि पदाधिकारी राधा रमन एवं संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थेदरभंगा में धान अधिप्राप्ति के लिए 167 पैक्स, चार व्यापार मंडल का चयन, 48 घंटों में होगा भुगतान

Continue Reading

Darbhanga

दरभंगा डीएम-एसएसपी ने कहा, मास्क पहनना भूल गए हैं लोग, अब कड़ाई से दिलाएंगें याद

Published

on

दरभंगा डीएम-एसएसपी ने कहा, मास्क पहनना भूल गए हैं लोग, अब कड़ाई से दिलाएंगें याद
दरभंगा डीएम-एसएसपी ने कहा, मास्क पहनना भूल गए हैं लोग, अब कड़ाई से दिलाएंगें याद

डीएम व एसएसपी ने की ऑनलाइन मीटिंग, कोविड-19 को लेकर फिर चलेगा मास्क अभियान, लोक सेवा का निष्पादन होगा स-समय

दरभंगा, देशज टाइम्स न्यूज। समाहरणालय अवस्थित अम्बेडकर सभागार में मुख्य सचिव बिहार की ओर से दिए गए निर्देश का सरजमीं पर क्रियान्वयन कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम व वरीय पुलिस अधीक्षक बाबूराम (darbhanga dm ssp) की अध्यक्षता में जिला के प्रशासनिक एवं पुलिस महकमा के सभी आलाधिकारियों के साथ-साथ प्रखंड अंचल एवं थाना स्तर के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की गयी।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि 23 नवंबर को मुख्य सचिव, बिहार द्वारा कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं लोक सेवा निष्पादन प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए कई निर्देश दिए गए हैं। जिसका अनुपालन सरजमीं पर पूरी शक्ति से कराया जाना है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े शहरों में कोविड-19 का द्वितीय लहर प्रवेश कर चुका है और यह छोटे शहरों में भी आएगा। पूर्व के अनुभव के अनुसार कोविड-19 का प्रथम लहार पहले बड़े शहरों में ही आया था। इसके बाद धीरे-धीरे छोटे शहरों में भी आ गया।दरभंगा डीएम-एसएसपी ने कहा, मास्क पहनना भूल गए हैं लोग, अब कड़ाई से दिलाएंगें यादउन्होंने कहा कि धीरे धीरे लोग अब मास्क पहनना और समाजिक दूरी का पालन करना भूल गए हैं। इसे पुनः कायम करने की आवश्यकता है। मास्क चेकिंग अभियान चलाने के लिए पुनः प्रखंड वार टीम का गठन किया गया है। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक इसका नेतृत्व करेंगे। दुकानों एवं वाहनों में पुनः प्रतिदिन मास्क की चेकिंग कराई जाए। इसके पहले ध्वनि विस्तारक यंत्र से प्रचार कर उन्हें अवगत करा दिया जाए कि किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में बिना मास्क के यदि कोई व्यक्ति पाया जाता है, तो संबंधित दुकान या प्रतिष्ठान को 3 दिनों के लिए बंद करा दिया जाएगा।

यदि किसी वाहन में बिना मास्क का कोई चालक या सवार पाया जाता है तो एम भी एक्ट के अंतर्गत वाहन ज़ब्ती की जाएगी एवं 2000 रुपए जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय बैठक में लोक सेवा के निष्पादन में विलंब पर चिंता व्यक्त की गई। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी टीम को सक्रिय किया जा रहा है। लोक सेवाओं के निष्पादन में अनावश्यक विलंब पर जहाँ भी लापरवाही मिलेगी,संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा की समीक्षा के दौरान यह भी कहा गया कि लोक शिकायत निवारण की सुनवाई में संबंधित पदाधिकारी स्वयं न आकर अपने कनीय कर्मी को भेज देते हैं।ऐसे लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी इसके साथ ही लोक शिकायत निवारण की सुनवाई में पारित आदेश के क्रियान्वयन में विलंब करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।

ऐसी त्रुटिपूर्ण योजना जिसके लिए भुगतान किया जा चुका है और वह सरजमीं पर पूर्ण नहीं है तथा शिकायत मिलने पर उसके लिए राज्य स्तर से टीम जांच करने आती है तो और शिकायत सही पायी जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि बिचौलियों के मामले में प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थी के बयान पर ही दोषी व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।

नल- जल योजना में मिली शिकायत के विरूद्ध भी कार्रवाई अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से जिन योजनाओं के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं, उनमें तत्काल प्राथमिकी दर्ज करा दी जाए।उन्होंने जिला के एवं प्रखंड के सभी वरीय पदाधिकारी को सप्ताह में 3 दिन क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जांच करने एवं स्थानीय लोगों से योजनाओं एवं लोक सेवा के निष्पादन के संबंध में फीडबैक लेने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि अंचलों में दाखिल खारिज की स्थिति बहुत खराब है उन्होंने अपर समाहर्ता को वैसे अंचलाधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध भरने का निर्देश दिए जिनके यहां बहुत दिनों से दाखिल खारिज के मामले अधिक संख्या में लंबित है उनके विरुद्ध प्रपत्र-( क) भर कर भेजा जाए।सरजमीं सेवा पोर्टल पर देखने से पता चल जाएगा कि किस कर्मचारी के यहां कितने एवं कब से दाखिल खारिज के मामले लंबित है। उन्होंने सभी डीसीएलआर को भी इसकी निगरानी एवं अनुश्रवण करने के निर्देश दिए।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी संयुक्त रूप से मास्क की चेकिंग करें। कहीं ढिलाई नहीं होनी चाहिए। वाहन चालक या सवार बिना मास्क के पाए जाते हैं तो उनके विरूद्ध तुरंत वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाए।

मध निषेध के क्रियान्वयन के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में जिला स्तरीय या राज्य स्तरीय टीम शराब बरामदगी करती है तो संबंधित थाना प्रभारी जिम्मेवार माने जाएंगे और उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी थानाध्यक्ष को कहा कि वे अपने सभी पुलिस पदाधिकारी एवं चौकीदार को क्षेत्र आवंटित कर दें, जिनके क्षेत्र में शराब मिलेगी उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।

भूमि विवाद निबटारा के लिए प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष को बैठक करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि लोगों में ऐसी धारणा बन रही है कि थाना पर आसानी से एफ आई आर नहीं होती है। यदि होती है तो पैसे की मांग होती है। इसके लिए मुख्यालय स्तर से भी अभियान चलाया जाएगा। पकड़े जाने वाले पुलिस या पुलिस पदाधिकारी का नौकरी जाना तय है। साथ ही पैसे लेते पकड़े गए तो जेल भी जाना तय है।

बैठक में नगर आयुक्त मनेश कुमार मीणा, उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सिटी एस पी अशोक कुमार प्रसाद, अपर समाहर्त्ता  विभूति रंजन चौधरी सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।दरभंगा डीएम-एसएसपी ने कहा, मास्क पहनना भूल गए हैं लोग, अब कड़ाई से दिलाएंगें याद

Continue Reading

Darbhanga

सीएम कॉलेज में स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की द्वितीय आंतरिक परीक्षा 1 से 14 दिसंबर के बीच

Published

on

सीएम कॉलेज में स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की द्वितीय आंतरिक परीक्षा 1 से 14 दिसंबर के बीच
सीएम कॉलेज में स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की द्वितीय आंतरिक परीक्षा 1 से 14 दिसंबर के बीच

मुख्य बातें
स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की द्वितीय आंतरिक परीक्षा 1 से 14 दिसंबर के बीच, प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में सी एम कॉलेज के विभागाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक, स्नातकोत्तर की आंतरिक परीक्षा में छात्रों की सहभागिता अनिवार्य- प्रो. विश्वनाथ, कोरोना काल में भी परीक्षा,नामांकन व अन्य कार्यं को संपन्न कराने वालों को प्रधानाचार्य का साधुवाद

दरभंगा, देशज टाइम्स। सीएम कॉलेज (cm college drbhanga) के प्रधानाचार्य प्रो. विश्वनाथ झा की अध्यक्षता में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

इसमें प्रो. इंदिरा झा,प्रो. सैयद एहतेशामुद्दीन, प्रो. गिरीश कुमार,प्रो. दिवाकर कुमार, डॉ. रूपेंद्र झा, प्रो. रागिनी रंजन, डॉ. प्रभात कुमार चौधरी,डॉ. नीरज कुमार,डॉ. मो1 जिया हैदर,डॉ. वासुदेव साह,डॉ. आर एन चौरसिया,डॉ. सुरेश पासवान,प्रो. मंजू राय, प्रो. ललित शर्मा, प्रधान सहायक विपिन कुमार सिंह व लेखापाल सृष्टि चौधरी समेत अन्य उपस्थित थे।सीएम कॉलेज में स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की द्वितीय आंतरिक परीक्षा 1 से 14 दिसंबर के बीचबैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ, स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर (सत्र 2019-20)की द्वितीय आंतरिक परीक्षा (2nd CIA) आगामी 1 से 14 दिसंबर के बीच पूर्वाह्न 7:45 से 9:00 बजे के बीच महाविद्यालय में आयोजित की जाएगी।

अंग्रेजी,अर्थशास्त्र,राजनीति विज्ञान, मैथिली,समाजशास्त्र, हिंदी,गणित,उर्दू तथा मनोविज्ञान की परीक्षा 1 से 7 दिसंबर तक होगी,जबकि वाणिज्य एवं इतिहास की परीक्षा 8 से 14 दिसंबर,2020 के बीच आयोजित की जाएगी।विस्तृत विवरण महाविद्यालय के सूचना पट्ट पर उपलब्ध कराया गया है।

(cm college drbhanga) प्रधानाचार्य प्रो. विश्वनाथ झा ने देशज टाइम्स को बताया, इस आंतरिक परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य है, क्योंकि अनुपस्थित छात्रों की परीक्षा बाद में नहीं ली जाएगी। उन्होंने कोरोना महामारी काल में भी परीक्षा, मूल्यांकन,नामांकन, अन्य कार्य के लिए शिक्षकों व कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।सीएम कॉलेज में स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की द्वितीय आंतरिक परीक्षा 1 से 14 दिसंबर के बीच

Continue Reading

लोकप्रिय

Copyright © 2020 Deshaj Group of Print. All Rights Reserved Tingg Technology Solution LLP.

%d bloggers like this: