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उतरे दरभंगा के लोग, गुवाहाटी से अपना दुकान बेच कर रंजीत आ गया गांव,अब नहीं जाएगा वापस

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उतरे दरभंगा के लोग, गुवाहाटी से अपना दुकान बेच कर रंजीत आ गया गांव,अब नहीं जाएगा वापस

बेगूसराय, देशज न्यूज। लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर असम, मणिपुर समेत पूर्वोत्तर के राज्य से श्रमिकों के लौटने का सिलसिला काफी तेज हो गया है। बेगूसराय के अलावा समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, शिवहर तक के यात्री बेगूसराय स्टेशन और बरौनी जंक्शन पर बड़ी संख्या में उतर रहे हैं।

यहां उतर कर बस तथा अन्य वाहन से अपने घर को जा रहे हैं, इनके चेहरे पर घर वापसी की खुशी स्पष्ट दिख रही है। हालांकि, प्रवास का दर्द कुरेदे जाने पर इनके आंख से छलकते आंसू वहां हुई परेशानी को स्पष्ट बयां करती है।

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सोमवार को सुबह 8:59 बजे जब गुवाहाटी लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस बेगूसराय स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकी तो सैकड़ों यात्री उतरे। सिर पर झोला, पीठ पर बैग और हाथ पकड़े छोटे बच्चों के साथ उतरे परदेस फिर से लौट कर उस शहर जाएंगे, यह कहना मुश्किल है।

पूर्वोत्तर के विभिन्न शहरों से लौटे कामगारों का कहना है कि अब यही काम खोजेंगे, स्वरोजगार की व्यवस्था करेंगे। इन लोगों को आशा है कि बिहार सरकार बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर रही है, केंद्र सरकार ने भी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरु किया है तो जरूर कहीं न कहीं काम मिलेगा।

अगर काम नहीं मिला तो मजबूरी में रोजी रोटी के लिए फिर से परदेस का चक्कर लगाना ही पड़ेगा। बेगूसराय बस स्टैंड में बस का इंतजार कर रहे ठठेरवा घाट निवासी बी.ए. पास बेरोजगार रंजीत कुमार राजा गुवाहाटी के सदर बाजार गली नंबर-चार में स्टेशनरी शॉप बेच कर घर आ गया है।

2013 के नवम्बर में जब रंजीत के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई तो गांव के लोगों के साथ उसने भी गुवाहाटी की राह पकड़ ली। वहां पांच दिन तक काम खोजने के बाद एक स्टेशनरी शॉप में उसे काम मिल गया। दो साल तक काम करने के बाद दुकान मालिक की मौत हो गई तो परिजनों ने दुकान बेचने का प्रयास शुरू कर दिया।

दो लाख 75 हजार में दुकान बिक रहा था, उसने अपने पांच कट्ठा खेत बेचकर गांव से एक लाख रुपया मंगाया और दुकान मालिक के परिजन को एक लाख 40 हजार देकर शेष पैसा का किस्त बनावा लिया। उसने अपने पत्नी को भी बच्चों के साथ मंगवा लिया, बच्चे भी सन ऑक्सफोर्ड स्कूल में पढ़ रहे थे।

मार्च में जब देशव्यापी लॉकडाउन हो गया था तो स्कूल के साथ-साथ दुकान भी बंद हो गया। मई के अंतिम सप्ताह में जब लॉकडाउन में कुछ छूट मिली तो उसने दुकान खोलना शुरू कर दिया। लेकिन इसी बीच दो जून की रात बदमाशों ने उसकी दुकान का ताला तोड़कर गल्ला से करीब 17 हजार रुपया चुरा लिया, विरोध करने पर पिटाई कर दी।

पुलिस कुछ सुनने को तैयार नहीं हुआ, पास का एक दुकानदार परेशान करने लगा। जिसके बाद उसने रंजीत ने दुकान बेच लिया और तीन लाख 50 हजार अपने खाता में जमा कर आ गया है घर। अब यहां घर की मरम्मत करायेगा, यहीं रहेगा, बचे पैसों से पत्नी के लिए श्रृंगार प्रसाधन का दुकान खोल देगा और खुद कहीं काम करेगा।

रंजीत का कहना है कि बिहार के लिए यह एक बड़ा अवसर है कि इन श्रम-शक्ति का सफल प्रयोग कर अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। सरकार ध्यान दे तो अपार कौशल क्षमता और संभावना रखने वाले बिहार के सामने उभरने का एक स्वर्णिम अवसर है और ऐसा हो जाए तो अब दिन दूर नहीं, जब बिहार अपनी श्रमशक्ति से देश का विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बन सकेगा।
फोटो कैप्शन : बेगूसराय बस स्टैंड में गांव जाने का इंतजार कर रहा प्रवासी परिवार

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गंगाजल के बाद BIHAR में बिकने लगी गंगोट, भाव है 40 रुपए किलो, जानिए कहां-कहां जाती मिट्टी

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गंगाजल के बाद BIHAR में बिकने लगी गंगोट, भाव है 40 रुपए किलो, जानिए कहां-कहां जाती मिट्टी
सिमरिया में स्नान करने के लिए आने वाले मिथिला क्षेत्र समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी के अलावा नेपाल के लोग और समय-समय पर छोटे जहाज से आने वाले विदेशी पर्यटक भी इस मिट्टी को अपने घर ले जाते हैं। घर में स्थापित होने वाले भगवान का पिंडी इसी मिट्टी से बनता है। गंगा के क्षेत्र से अत्यधिक दूरी में रहने वाले श्रद्धालु गंगा के मिट्टी को अपने घर में रख पूजन करते हैं। पहले लोग खुद से स्नान करने के बाद गंगा से मिट्टी निकालते थे, लेकिन अब उनकी जीवन शैली बदल रही है।

बेगूसराय, देशज न्यूज। सनातन संस्कृति और (sale started of ganges soil in simariya) प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद में जीवनदायिनी कही जाने वाली मां गंगा, सिर्फ जीवनदायिनी, पापनाशनी और मोक्षदायिनी ही नहीं है, बल्कि रोजगार दायिनी भी है। हिमालय से गंगा सागर तक गंगा के बेसिन में बसे 40 करोड़ से अधिक लोग किसी ना किसी रूप से गंगा से फायदा ले रहे हैं।

भारतीय डाक विभाग गंगाजल का बड़े पैमाने पर बिक्री कर रहा है। इसके अलावा गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक हजारों लोग बोतल एवं डब्बा में भरकर गंगाजल बेच रहे हैं। गंगा से निकाला गया मिट्टी (स्थानीय भाषा में गंगौट) 40 रुपया किलो बिक रहा है।

बेचने के लिए रखा गया गंगा की मिट्टी

बेचने के लिए रखा गया गंगा की मिट्टी

गंगा के अंदर का गीला बालू 30 रुपए किलो तथा गंगा के बाहर का सूखा (sale started of ganges soil in simariya)  बालू 20 रुपए किलो बिक रहा है। हालांकि यह खुदरा भाव है, थोक में लेने पर कुछ छूट भी दिया जाता है। बिहार के गंगा घाटों में से प्रमुख सिमरिया में बड़े पैमाने पर गंगा के बालू और मिट्टी की बिक्री हो रही है।

यहां 50 से अधिक परिवार इस धंधा में लगे हुए हैं। परिवार के पुरुष सदस्य गंगा से गीली मिट्टी निकालते हैं उसके बाद अन्य सदस्य करीब पांच-पांच सौ ग्राम का गोला बनाकर सुखाते हैं (sale started of ganges soil in simariya) और सुखाने के बाद बेचा जाता है।

यहां आने वाले लोग गंगा से मिट्टी निकालने में खुद का परिश्रम करने के बदले स्थानीय लोगों की ओर से निकाल कर रखे गए सुखी मिट्टी ही खरीद कर ले जाते हैं। वहीं कुछ लोग घर में भूजा sale started of ganges soil in simariya भुंजने तथा अन्य देव कर्मों के लिए गंगा का बालू खरीद कर ले जा रहे हैं। बालू बेचने वाले स्थानीय लोग एक किलो एवं दो किलो बालू पॉलिथीन में पैक कर बेच रहे हैं।

 गंगा किनारे गंगा की मिट्टी बेच रहे विभा देवी, जूली देवी, रामोतार निषाद आदि ने बताया कि पानी के अंदर से मिट्टी निकालने में लोगों को काफी परेशानी होती है। हम लोग मां गंगा के पुराने सेवक हैं, लोगों (sale started of ganges soil in simariya) की मांग को देखते हुए मिट्टी निकालकर बेचते हैं। माता गंगा करोड़ों लोगों को रोजी रोजगार दिए हुए हैं, हम भी कोई गलत काम नहीं कर रहे हैं। अपने जीविकोपार्जन तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह धंधा कर रहे हैं।
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बेगूसराय में अपराधियों ने गर्दन मरोड़, हथियार से गोद-गोद छात्र की हत्या कर गढ्ढे में फेंकी लाश

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बेगूसराय में अपराधियों ने गर्दन मरोड़, हथियार से गोद-गोद छात्र की हत्या कर गढ्ढे में फेंकी लाश

बेगूसराय, देशज न्यूज। बेगूसराय में आपसी विवाद में बदमाशों ने निर्मम तरीके से एक छात्र की हत्या कर लाश को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया। घटना बछवाड़ा थाना क्षेत्र के अरबा गांव की है। (dead body was thrown in a hole by killing a student) मृतक की पहचान अरबा निवासी रंजीत कुमार सिंह के एकलौते पुत्र शिवम कुमार उर्फ राजा के रूप में की गई है।

बताया जा रहा है, शिवम सोमवार की शाम से ही गायब था। परिजनों के द्वारा काफी खोजबीन की जा रही थी, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने बछवाड़ा थाना (dead body was thrown in a hole by killing a student) में इसकी सूचना दिया था।

मंंगलवार को जब कुछ लोग बहियार की ओर जा रहे थे तो गड्ढे में लाश (dead body was thrown in a hole by killing a student) देखी। परिजनों ने बताया, बदमाशोंं ने गर्दन मरोड़ने के बाद किसी धारदार हथियार से गोद-गोद कर हत्या करने के बाद लाश गड्ढे में फेंक दिया।

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बेगूसराय में बेटी से बलात्कार की कोशिश…विरोध करने पर बहशी बाप ने बेटी को मार डाला

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बेगूसराय में बेटी से बलात्कार की कोशिश...विरोध करने पर बहशी बाप ने बेटी को मार डाला

बेगूसराय,देशज न्यूज।‌ बेगूसराय में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बहशी बाप (father kills daughter for opposing molestation) ने पूरी मानवता को शर्मसार करते हुए बेटी से ही बलात्कार की कोशिश की और बलात्कार का विरोध करने पर बहशी बाप ने अपने बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। आत्महत्या का रूप देते हुए फरार हो गया।

घटना सिंघौल ओपी क्षेत्र के फतेहपुर गांव की है। (father kills daughter for opposing molestation) मृतका की पहचान श्याम बाबू सोनी की पुत्री मनीषा कुमारी के रूप में की गई है।

सिंघौल ओपी प्रभारी मनीष कुमार ने बताया, (father kills daughter for opposing molestation) श्याम बाबू सोनी अपनी पुत्री मनीषा कुमारी पर गलत निगाह रखता था। बार-बार उससे छेड़खानी करता था। जिसका मनीषा विरोध करती थी। मंगलवार को जब घर में कोई लोग नहीं थे तो बहशी बाप ने बेटी के साथ गलत करने का प्रयास किया।

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